वनभूमि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वनभूमि – Vanabhoomi: A land of natural temples with temple-trees (Chaitya Vriksh). अकृत्रिम चैत्यालयों को एक भूमि जिसमे चैत्यवृक्ष होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वनभूमि – Vanabhoomi: A land of natural temples with temple-trees (Chaitya Vriksh). अकृत्रिम चैत्यालयों को एक भूमि जिसमे चैत्यवृक्ष होते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == ज्ञान : == सुत्तं अत्थनिमेणं, न सुत्तमेत्तेण अत्थपडिवत्ती। अत्थगई पुण णयवाय गहणलीणा दुरभिगम्मा।। —सन्मति तर्क् प्रकरण : ३-६४ सूत्र (शब्द पाठ) अर्थ का स्थान अवश्य है, परन्तु मात्र सूत्र से अर्थ की प्रतिपत्ति नहीं हो सकती। अर्थ का ज्ञान तो गहन नयवाद पर आधारित होने से बड़ी कठिनता…
त्रिषष्ठिस्मृतिशास्त्र A book written by Pandit Ashadharji. पं. आशाधर जी (ई. 1173-1243) द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरिणाम – Viparinama. Changed results. सत् के द्वारा अवस्थान्तर की प्राप्ति करना विपरिणाम है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकषाय – Nokashaaya. Subsidiary passion, Quasi passion. ईषत् अर्थात् किंचित् अर्थ में ‘नञ्’ का प्रयोग होने से किंचित् कषाय को अकषाय यो नोकषाय कहते है “
दिव्यभाषा Resonant voice of Lord Arihant (Divyadhvani). नाना भाषाओं (718) में परिणत होने के अतिशय से सम्पन्न अर्हद्वाणी (दिव्यध्वनि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वध –Vadha: Killing,Beating violently. मारना – हिंसा करना (आयु ,इन्द्रिय ,श्वासोच्छ्वास का जुदा कर देना ),अहिंसाणुव्रत का एक अतिचार ; दंड आदि से मारना पीटना “यहाँ वध का अर्थ प्राणों का वियोग करना नहीं लिया है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भग्न – Bhagna. Dilapidated, broken, Disappointed, defeated. ध्वस्त या टुटा हुआ अथवा जिसका उत्साह भंग हो गाया हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमानुयोग- श्रुतस्कंध के 4 अनुयोंगों में प्रथम अनुयोग, इसमें तीर्थकर आदि त्रेसठ शलाकापुरुशों के चरित्र का वर्णन होता है। prathamanuyoga – biographical exposition related to jain – lord and great personalities of jain context.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रवर – Vajravara Name of the 9th island & ocean of middle universe. मध्यलोक का द्वीप व समुद्र “