प्रथम क्षण भावी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथम क्षण भावी- प्रथमतः उत्पन्न होने वाला। prathama ksana bhavi – rising at the first moment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथम क्षण भावी- प्रथमतः उत्पन्न होने वाला। prathama ksana bhavi – rising at the first moment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाद – आलस्यकसाय सहित अवस्था को प्रमाद कहते है ” कसाय के तीव्र उदय से आछे कार्यो को करने में आदर भाव का न होना ” चार विकथा , चकाषाय, पञ्च इन्द्रियां , एक इस्नेह और एक निद्रा ये 15 प्रमाद है ” Pramada- Laziness, Carelessness, Negligence, 15 types of certain activities leading to…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक बुद्ध- स्वर्ग बुद्ध; वैराग्य का कारण देखकर स्वयं वैराग्य धारण करने वाले मुनि। pratyeka buddha – one who is self enlightened or self attained.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण (अनुयोग)- अग्रायणी पूर्व के 5 भेदों में एक भेद। Pramana (Anuyoga)- A part of scriptural knowledge (Purva)
त्रसरेणु(त्रटरेणु) An area unit. क्षेत्र का प्रमाण विशेष । 8 ऋटरेणु का एक त्रसरेणु। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याहार- मन की प्रवृति का संकोच कर लेने पर मानसिक सन्तोश होता है उसे प्रत्याहार कहते है। pratyahara – mental satisfaction
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिक बंध –VAisrasika Bandha. Natural binding. स्वाभविक आथार्त पुरुष प्रयोग से निरपेक्ष वैस्रसिक बंध हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रपर्वा – Sahasraparvaa. Name of a superpower possessed by Nami & Vinami Vidyadhars. धरणेन्द्र द्वारा नमि व विनमि विद्याधरो को प्राप्त विद्या ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहवा (कवि) – Sahavaa (Kavi). Name of a Marathi poet, the writer of Neminath Puran. नेमीनाथ पुराण के रचयिता (ई0 1717) एक मराठी कवि ।