द्रव्य अधिकरण!
द्रव्य अधिकरण Physical stratum. द्रव्य का आधार।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांपरायिक बंधक – Saamparaayika Bamdhaka. Those bound with passionful influx. प्रथम गुणस्थान से लेकर 10वें गुणस्थान तक के जीव कषाय सहित होने से साम्परायिक बंधक कहलाते है।
दोहापाहुड़ A treatise written by Acharya Yogendudeva. आचार्य योगेन्दु देव (ई.श.6 उत्तरार्ध) कृत एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठित – माननीय व्यक्तित्व। pratisthita – renowned one, honorable personality.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवनालय – Bhavanalaya. Residence of deities. भवनवासी देवों के भवन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठा पाठ- आचार्य इन्द्रनन्दि (ई.श. 10 मध्य), आचार्य वसुनन्दि (ई. 1068-1118) एवं पं. आषाधर (ई. 1173-1243) द्वारा रचित प्रश्ठिा पाठ संबंधी ग्रन्थ। pratistha patha – name of ritual treatise written by acharyas (1) indranandi (2) vasunandi and pandit ashadhar.
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धनासक्ति : == धन धरती में गाडै बौरा, धूरि आप मुख लावे। मूषक साँप होइगो आखर, तातै अलठि कहावै।। —आनन्दघन ग्रंथावली : पद—४ मूढ़ मानव अपने धन का संरक्षण करने हेतु धन को जमीन में गाड़ता है और उस पर धूल डालता है किन्तु वस्तुत: वह धन के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रघुम्न – कृश्ण के पुत्र का नाम जो गिरनार पर्वत से मोक्ष पधारे। pradyumna – son of lord krishna (who got salvation from girnar mountain
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृहतपल्य व्रत –VrhatapalyaVrata. A particular kind of vow to be observed with particular procedure. प्रत्येक माह मे ये कई व्रत आते हैं, यह एक वर्ष तक किया जाता है ” एक वर्ष मे इसके ७२ व्रत होते हैं ” इसमे एक – एक उपवास का पल्य – पल्य उपवास बराबर फल होता…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन वात्सल्य- 16 कारण भावना की एक भावना; साधमींजनो को देखकर स्नेह से ओतप्रोत हो जाना। PravacanaVatsalya- Affection towards co-religionists, to keep love with one another