ऋजुकूला!
ऋजुकूला Name of the river on the bank of which Lord Mahavira attained omniscience. जिस नदी के किनारे भगवान महावीर को केवलज्ञान प्राप्त हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऋजुकूला Name of the river on the bank of which Lord Mahavira attained omniscience. जिस नदी के किनारे भगवान महावीर को केवलज्ञान प्राप्त हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रहोभ्याख्यान – सच्याणुव्रत का एक अतिचार स्त्री – पुरूशों की एकांत में की गयी चेश्टा को प्रकट करना। Rahobhyakhyana-Secret discloser of a couple (an infraction of true speech)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम रक्षा – Sanyama Rakshaa. Strictly observing of restraints by Jaina saints. जैन साधु-संत द्वारा अपने संयम की रक्षा करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावस्था:State of salvation.निश्चय मोक्षमार्ग का अपरनाम । सिद्वावस्था
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधर्म्य – Saadharmya. Parallelism, Means showing some existence. धर्म, गुण आदि की समानता । साध्य के आधार में जिसकी वृत्तिता निष्चित हो उसको साधर्म्य कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रष्मिकलाप – एक हार, यह 54 लडियों का होता है। Rasmikalpa- A kind of wreath with 54 strings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिशय केवली – Saatisaya Kevale. A type of omniscient one. तीर्थकर प्रकृति रहित, 25 अतिशयो (केवलज्ञान, 14 देवकृत, 1 वज्रवृषभनाराच संहन), 4 प्रातिहार्य (छत्र, सिंहासन, भामंडल, दिव्यध्वनि), गन्धकुटी व अनन्त चतुष्टष् सहित सातिशय केवली होते है। अर्थात् अतिशय युक्त केवली को सातिशय केवली कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सात नय – Saata Naya. Seven particular kinds of standpoints. नैगम, संग्रह, व्यवहार, ऋजुसूत्र, शब्द, समभिरुढ़ और एवंभूत ये 7 नय है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदर्षन – एक दर्षन जो ध्यान धारणा समाधि आदि के द्वारा तत्वों का साक्षात् करने ंका उपाय सुझाता है। Yogadarsana-name of a philosophy