तत्वोपलब्धि!
तत्वोपलब्धि Internally self developed knowledge. आत्मानुभव निज तत्वोपलब्धि के बिना सम्यक्तव की उपलब्धि नहीं होती । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वोपलब्धि Internally self developed knowledge. आत्मानुभव निज तत्वोपलब्धि के बिना सम्यक्तव की उपलब्धि नहीं होती । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगन्नाथ The writer of the book ‘Sukh Nidhan’. ‘सुख निधान’ के रचयिता (ई. १६४२-) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सशल्य मरण – Sashalya Marana. Death with passionate sting or passionate sting or passionful death. माया, मिथ्या, निदान इनमें से किसी भी शल्य सहित मरना ।
उत्सर्गपद्धति A supreme dedicational system (of omniscient etc.) for getting salvation.मोक्षमार्ग की वह पद्धति जिसमें वज्रवृषभनाराच प्रथम संहनन से ही ध्यान अथवा मोक्ष होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य युक्तासंख्यात A mathematical term (reg. numbers). जघन्य परितासंख्यात की दो बार वर्गित संवार्गित राशि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थाधिगम Knowledge of ascertained reals or truth. तत्वों के अथ्ज्र्ञ का ज्ञान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्मान : == तम्हा सव्वे वि णया, मिच्छादिट्ठी सपक्ख—पडिबद्धा। अण्णोण्णणिस्सिया उण, हवंति सम्मत्तसब्भावा।। ——सन्मति तर्क प्रकरण : १-२१ अपने—अपने पक्ष में ही प्रतिबद्ध परस्पर निरपेक्ष सभी नय (मत) मिथ्या हैं, असम्यक् हैं, परन्तु ये ही नय जब परस्पर सापेक्ष होते हैं तब सत्य एवं सम्यक् बन जाते हैं।…
जघन्य प्रोषधोपवास A type of fasting (related to Ashtami, Chaturdashi). अष्टमी , चतुदशी को एकासन अथवा आचाम्ल निर्विकृति आहार करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार विधान Name of a Vidhan-procedural worshipping composition. आर्यिका श्री अभयमती माताजी (ई.श.20 उत्तरार्द्ध) एंव अन्य लेखकों द्वारा रचित णमोकार मंत्र के 35 अक्षरों पर आधारित एक पूजा विधान। [[श्रेणी:शब्दकोष]]