शिवनंदि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवनंदि – Shivanandi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कारगण वारां (राजस्थान) की गद्दी के एक भट्टारक ” समय- वि. 1148 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवनंदि – Shivanandi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कारगण वारां (राजस्थान) की गद्दी के एक भट्टारक ” समय- वि. 1148 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीच – Neecha. People from low caste, low-caste group. निम्न, नीच गोत्र व नीच कुल आदि “
द्विपृष्ठ The second Narayana of the present era. वर्तमान भव में द्वितीय नारायण, जिसने कोटिशिला को अपने मस्तक तक ऊपर उठा लिया था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन विवेक –Vachan Vivek : Wishful speaking ,Conscious speech. विवेक का एक भेद ;क्रोधादि कषाय उत्पन्न होने पर मैं मारूंगा इत्यादि वचन का प्रयोग न करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तपान संयोजना – Bhaktapana Samyojana. Mixing of edibles (reg. green veg. & sterilized material). अजीवाधिकरण का एक भेद; सचित और अचित खानपान को एक दूसरे में मिलाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
उदयादित्य Name of a king and a Kannad poet. भोजवंशी राजा जयसिंह के पुत्र (नरवर्मा के पिता मालवा देश के राजा-ई. 1058-1093) उदयादित्यालंकार के रचयिता एक कन्नड कवि (ई. 1150)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कांक्षित – Nishkaankshita. See – Nihkaamkshita. देखें – निःकांक्षित “