गोत्र कर्म प्रकृति!
गोत्र कर्म प्रकृति Status determining Karmas. जिस कर्म के उदय से जीव उच्च और नीच कहा जाता है या उच्च-नीच कुल में उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोत्र कर्म प्रकृति Status determining Karmas. जिस कर्म के उदय से जीव उच्च और नीच कहा जाता है या उच्च-नीच कुल में उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुल्म सेना का एक अंग जिसमें ९ रथ, ९ हाथी, ४५ पैदल और २७ घोड़े रहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदान :Offering food etc. to worthy persons (ascetics etc).तपस्वी आदि सुपात्रो को आहारदि दान देना।
गुणयोनि Basic place of birth (reg. body form). जीवों के शरीर ग्रहण का आधार रूप स्थान ; ये गुणों की अपेक्षा ९ प्रकार की होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटलीपुत्र:Former name of patna, the capital of Bihar.बिहार प्रान्त की राजधानी वर्तमान पटना।
गति परिणाम Nature to go upwards (pre-salvation stage). जीव की ऊर्ध्वगति के स्वभाव का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाक्षिक:Fortnightly a type of Jaina householder (shavak).माह के पंद्रह दिवसीय पक्ष, श्रावक के 3 भेदो मे एक भेद, जो व्रती तो नही है लेकिन धर्म का पक्ष लेता है।
गणधर कीर्ति Disciple of Acharya kuvalayachandra. ई. सन् ११३२ में आचार्य कुवलययन्त्र के शिष्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गजदन्त Mountains having the shape of elephant teeth. विदेह क्षेत्र में सुमेरू पर्वत की चारों दिशाओं में सुमनस, विद्युतप्रभ, माल्यवान, गंधमादक नामक चार गजदंताकार पर्वत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]