एक- अग्र!
एक- अग्र Concentration. ध्येय में एकाग्र होकर पदार्थ का ध्यान करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एक- अग्र Concentration. ध्येय में एकाग्र होकर पदार्थ का ध्यान करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त निक्षेप – Sachitta Nikshepa. Food offering on green leaves, an infraction of vow of hospitality. हरे पत्तों पर रखकर आहार देना; अतिथिसंविभाग व्रत का एक अतिचार “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हूहूकांग – Huuhuukaamga. A large unit of time. 84 लाख महाकमल प्रमाण काल। इसे नलिनांग, पùांग, कुमुदांग भी कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मप्रकाश: A book written by Acharya Yogendudev.ई0श0 6 के उत्तरार्ध में आचार्य योगेन्दुदेव द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल-जिन – Sakala-Jina. The supreme one, destroyer of all 4 karmas. जो घातिया कर्मों का क्षय कर चुके हैं, ऐसे सशरीरी सकल परमात्मा अर्थात् अरिहंत भगवान “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिमनाष – Himanaasa. Deformation of ice, cause of asceticism of Lord Shitalnath. बर्फ का पिधल जाना (यह तीर्थकर शीतलनाथ की वैराग्य उत्पत्ति का कारण था)।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर भाव:Passionate feelings contrary to the real nature of soul.परचतुष्टय में एक, अनंत ज्ञानदर्शनादि आत्मभवों के अतिरिक्त अन्य सभी राग-द्वेषादि विभाव परभाव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविनंदी – शट्खण्ड आगम के ज्ञाता, बप्पदेव के षिक्षा गूरू एक आचार्य। Ravinandi-Name of an acharya
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हास्य वेदनीय कर्म प्रकृति – Haasya Vedaniya karma Prakrti. The Karmic nature causing laughing or ridiculous feelings. मोहनीय कर्म की प्रकृति। जिस कर्म के उदय से जीव के हास्य निमित्तक या हंसी रुप भाव उत्पन्न होते है।