लोभाकुलता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभाकुलता –Lobhaakulta A fault of meditative relaxation (greedful uneasiness in meditation). कायोत्सर्ग का एक दोष ;लोभ वश चित्त में विक्षेप होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभाकुलता –Lobhaakulta A fault of meditative relaxation (greedful uneasiness in meditation). कायोत्सर्ग का एक दोष ;लोभ वश चित्त में विक्षेप होना “
उपसर्ग Calamity, State of affliction, Prefix. पर के निमित्त से आने वाली विपत्ति या संकट, उपसर्ग 4 प्रकार के हैं- मनुष्य, देव, तिर्यच, और प्रकृति कृत। शब्द विशेष की रचनाओं में शब्द के आगे लगाने वाले अक्षर विशेष को भी हिन्दी व्याकरण में उपसर्ग कहा जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाभ – इच्छित अर्थ की प्राप्ति का नाम लाभ है। Labha-Profit, Gain, Desirable Attainment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकेषणा –Lokeshnaa. Longing for worldly fame . लौकिक सुख की इच्छा “लोकप्रसिद्धि की भावना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदिकाबद्धा –Vedikabaddha An infraction of a particular sitting posture of meditative relaxation. कायोत्सर्ग का एक दोष; दोनों भुजाओं से दोनों घुटने बांधकर बैठना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम समानता – अर्हत भगवान का एक अतिषय – सजीव होते हुए भी नख रोम और केषो का समान रहना अर्थात न बढना। Roma samanata- A transcendental excellence of lord Arihant, not increasing of nails & hair
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकल्प सुख – Nirvikalpa Sukha. Indetermiate enjoyment, supreme bliss. समस्त विकल्पों से रहित मोक्ष सुख “