तिर्यक् प्रतर!
तिर्यक् प्रतर Square of Raju (a measurement unit). राजू – राजू। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यक् प्रतर Square of Raju (a measurement unit). राजू – राजू। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यचगति नामकर्म प्रकृति A type of karmic nature causing Tiryanch Gati. वह कर्म जिसके उदय से तिर्यंच की पर्याय में जन्म हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिक्त रस Pungent flavour, bitter in taste. कडुवा रस या स्वाद। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तपाचार Observance of austerity. बारह प्रकार के तपों का आसचरण करना अनशन अवमौदर्य , रसपरित्याग, वृत्ति- परिसंख्यान, कायक्लेश और विविक्तशरूयायन ये 6 बाह्य तप है एवं प्रायश्चित्त , विनय, वैयावृत्य, स्वाध्याय, ध्यान और व्युत्सर्ग ये 6 अंतरंग तप हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य केवली – Saamaanya Kevalee. A type omniscient. केवली के 7 भेदो में एक भेद; सामान्य मुनि अवस्था से केवलज्ञान को प्राप्त करने वाले ।
ऋजुसूत्रनय Straight view point (related to present). जो नय केवल वर्तमान काल संबंधी पर्याय को ग्रहण करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तपऋद्धि A type of supernatural power for observing hard penance. कई-कई उपवास करना, खुले आकाशादि के नीचे या करना, घोर ब्रह्मचर्य आदि का पालन करने की शक्ति । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]