ध्रुवराशि!
ध्रुवराशि Fixed or constant quantity. जो राशि कभी घटे-बढे़ नहीं, स्थिर राशि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्रुवराशि Fixed or constant quantity. जो राशि कभी घटे-बढे़ नहीं, स्थिर राशि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इभ Elephant, one of the 14 jewels of Chakravarti. हाथी चक्रवर्ती के 14 रत्नों में एक सजीव रत्न।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवसुंदर Name of a commentator of ‘Bhaktamar Stotra Tika’. भक्तामर स्त्रोत टीका के कर्ता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आप्तमीमांसा A treatise written by ‘Acharya Samantabhadra’. तत्वार्थ सूत्र के मंगलाचरण पर आचार्य समन्तभद्र (ई.श.2) द्वारा रचित एक न्यायपूर्ण ग्रंथ (तर्क की कसौटी पर सर्वज्ञ देव को सच्चे देव सिद्ध करने का न्याय संबंधी उत्तम ग्रन्थ)। इसका दूसरा नाम देवागम स्तोत्र भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धृतिभावना Steadfast; calm in nature. धैर्यरूपी परिधान धारण करना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धृततेज A king of Kuru dynasty. कुरूवंश का एक राजा ,धृतोदय का पुत्र और धृतयश का पिता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इत्वरिका अपरिगृहीतागमन An infraction of vow of celibacy. ब्रह्मचर्य अणुव्रत का एक अतिचार बिना विवाही व्यभिचारिणी स्त्री से हास्यादि संबंध रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धारा नगरी Present Dhar city in Madhya pradesh, where Mantun-gacharya composed Bhaktamar Stotra. मध्यप्रदेश का एक नगर जहां के कारावासस में मानतुंग आचार्य द्वारा भक्तामर स्तोत्र की रचना हुई। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीनिचय – Shreenichaya. Name of a summit situated in Padmahrida (large pond), Name of the 3rd Rishi (saint) among a group of particular 7 Rishies (saints). पद्महृद में स्तिथ एक कूट, सप्त ऋषियों में से तीसरे ऋषि “
धातकीखंड (द्वीप) An island situated in middle universe. मध्यलोक में स्थित द्वितीय द्वीप जिसकी सब रचना जम्बूद्वीप से दूनी-दूनी हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]