दुष्कृत!
दुष्कृत Bad deeds. कुत्सित – खोटा कार्य बुरा कार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुःस्वर नाम कर्म प्रकृति A Karmic nature causing bad voice. एक कर्म प्रकृति जिसके उदय से स्वर अच्छा न मिले । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राधान्य पद- उपक्रम का एक भेद; बहुत से पदार्थो के होने पर भी किसी एक पदार्थ की बहुलता आदि द्वारा प्राप्त हुई प्रधानता से बोले जाने वाला नाम। जैसे- आग्रवन, निम्नवन इत्यदि। Pradhanyapada-A type of Upakrama( a type of persuasion) dominant name or thing
दीपसेन Name of an Acharya, disciple of Acharya Nandisen. आचार्य नंदिसेन के शिष्य तथा धरसेन के गुरू (श्रुतावतार से भिन्न कथानुसार)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणातिपात विरमणव्रत- अहिंसाव्रत; जीवों कें प्राणों की रक्षा करना। PranatipataViramanavrata- A vow of non violence
दिग्व्रत A great vow of renouncement (restrictions in place wandering, business etc.). प्रथम गुणव्रत दिशाओं विदिशाओं में जाने का एंव व्यापारादि करने की मर्यादा का नियम कर लेना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राकृत संख्या- गणित की सभी पूर्ण धनात्मक संख्याएं (1, 2, 3,……………….)। Prakrtasankya- Natural number
दशार्ण Eastern part of Malwa, A country of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). मालवा का पूर्व भाग, भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का देश ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलात्कार गण- जैनाचार्यों की शाखा; कुंदकुंद आचार्य के समय से प्रचलित। जैसा कि प्रशस्ति आदि में लिखित रहता है- कुन्दकुन्दाम्नाये सरस्वती गच्छे बलात्कार गणे………। Balatkara Gana- A branch of jain acharyas