वैनयिक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैनयिक –Vainayika. A part of Shrutgvan (scriptural knowledge).Containing description of politeness. अंगबाह्य श्रुतज्ञान का पांचवा अंग, इसमे ५ प्रकार के विनयों का कथन हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैनयिक –Vainayika. A part of Shrutgvan (scriptural knowledge).Containing description of politeness. अंगबाह्य श्रुतज्ञान का पांचवा अंग, इसमे ५ प्रकार के विनयों का कथन हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शय्या – Shyyaa. Suitable resting place of saints. भक्तप्रत्याख्यान सल्लेखना के 40 अधिकारों में 25 वां अधिकार, आराधक योग्य वसतिका “
उदयस्थान Place of origination, fruition (reg. Karmas). अपने फल के उत्पन्न करने में समर्थ कर्म अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृषध्वज–Vrsadhvaja. One of the 1008 titles of Lord Jinendra जिनेन्द्र भगवन के १००८ नामों में एक नाम , धर्मध्वज को फहराने वाले “
द्विजपति The best one (i.e. sacramented one), Name of a poet. श्रेष्ठ, संस्कार युक्त चंगदेव की पीढ़ी में उत्पन्न एक कवि का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वादश संयम 12 types of restraints. 12 प्रकार का संयम पांच इन्द्रिय व मन को वश में रखना एंव पृथ्वी आदि छःकाय के जीवों की रक्षा करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदत्रय –Vedatraya Triplet of gender (male, female & impotent) स्त्री, पुरुष, नपुंसक वेद “