त्रिभुवन!
त्रिभुवन The three worlds, the entire universe. देखें – त्रिलोक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिभुवन The three worlds, the entire universe. देखें – त्रिलोक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविन्द्र कुमार बह्यचारी – गणिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के एक प्रमुख षिश्य जम्बद्वीप रचना हस्तिनापुर के प्रमुख स्तम्भ।सन् 1972 में आजन्म ब्रहमचार्य व्रत लेकर क्रमष घर्मक्षेत्र में अथक परिश्रम करके माताजी की प्रेरणा से जम्बुद्वीप हस्तिनापर, तपस्थली प्रयाग, कुण्डलपुर, मांतुगा, अयाध्या एवं अनेक तीर्थ क्षेत्रो का विकास करते हुए जैन धर्म की संस्क्ति का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिरोनति – Shironati. A courteous posture – bowing head with folded & joined hands in reverence. कृतिकर्म का एक अंग; दोनों हाथ जोड़कर मस्तक झुकाकर उसमें जोड़े हुए हाथ लगाकर नम्रीभूत होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषधद्रह – Nishadhdraha. Name of a lake situated in the north of Nishadh mountain. निषध पर्वत से उत्तर की ओर नदी के मध्य स्थित सातवां ह्रद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षाकाल – Shikshaakaala. Time period of progressive or higher learning after the initiation of one. दीक्षा के अनन्तर परमात्म तत्व के परिज्ञान के लिए उसके प्रतिपादक शास्त्र की जब शिक्षा ग्रहण की जाती है, वह शिक्षाकाल कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय स्वाध्याय – Nishchaya Swaadhayaaya. Absolute intospection for spiritual process. मुनि अवस्था में अपनी आत्मा में ही लीनता रूप आत्मअध्ययन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शास्त्रज्ञान – Shaastragyaana. Scriptural knowledge. आगन ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय रक्षा – Nishchaya Rakshaa. Absolutely devoid of lust, passion etc. वीतराग मुनियों के रागादि का अभाव होना जिसे निश्चय नय से अहिंसा भी कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रवि – सूर्य, राक्षस वंषी एक विद्याघर राजा। Ravi-The sun, Name of a king of Rakshsas dynasty