आतपत्र!
आतपत्र A parasol – one of the 14 jewles of a Chakravarti (emperor). चक्रवर्ती के 14 रत्नों में एक रत्न-छत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आतपत्र A parasol – one of the 14 jewles of a Chakravarti (emperor). चक्रवर्ती के 14 रत्नों में एक रत्न-छत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमौदारिक शरीर:Body of Lord Arihant with absolute purity.अहंत परमात्मा का शरीर जिसमें निगोदिया जीव नहीं रहते ,धातु उपधातु सब शुद्व हो जाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघिमा ऋद्धि – विक्रिया ऋशि का एक भेद, जिस ऋशि के प्रभाव से साधु अपने षरीर को वायु से भी हल्का बनाने मे समर्थ थे। Laghima Rdhhi-A type of super natural power pertaining to turning body lighter than air
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलखातिका – भरतक्षेंत्र के आर्यखण्ड की एक नदी। Lamgalakhatika-Name of a river of bharat kshetra Aryakhand (region)
एकचर्या A vow for saints, solitary walking. मुनियों का एक व्रत, एकाकी विहार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तीर्थराज Greatest place of pilgrimages-Ayodhya & Sammedshikhar. जहां तीर्थंकर जन्में अथवा मुक्त हुए ऐसे अयोध्या और सम्मेदशिखर तीर्थक्षेत्र को तीर्थराज कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामर्थ्य – Saamarthya. Capability, competence, capacity. शक्ति, बल (जीव में मोक्ष को प्राप्त करने की सामर्थ्य है) ।
दशवर्षसहस्त्र A time period of 10 thousand years. दस हजार वर्षों का काल समय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधु प्रासुक परित्यागता – Saadhu Praasuka Pariytaagataa. A great & meaningful renouncement(reg. perception, knowledge & faith) done by Jaina saints. दया बुद्धि से साधुओं के द्वाराकिये जाने वाले दर्शन, ज्ञान व चारित्र के परित्याग या दान का नाम प्रासुक परित्यागता है। षट्खंडागम के अनुसार 16 कारण भावनाओं में यह एक भावना ।
ऋषभजयन्ती व्रत Vow of the birthday celebration of Jaina-Lord Rishabhadev. भगवान आदिनाथ की जयन्ती चैत्र कृष्ण 9 को उपवास व पूजन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]