बाह्य उपधि!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य उपधि – Bahya Upadhi. Alien – belonging (material articles). बाह्य परिग्रह,आत्मा से एकत्व को नहीं प्राप्त हुए ऐसे क्षेत्र, वास्तु, धन आदि बाह्य उपधि हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य उपधि – Bahya Upadhi. Alien – belonging (material articles). बाह्य परिग्रह,आत्मा से एकत्व को नहीं प्राप्त हुए ऐसे क्षेत्र, वास्तु, धन आदि बाह्य उपधि हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदत्ति:To offer food to Jaina with reverential and prescribed procedure.महातपस्वी मुनियो, आर्यिकाओ आदि सुपात्रो के लिए सत्कार पूर्वक पड़गाहन कर जो आहार आदि दिया जाता है उसे पात्रदति कहते है। इससे स्वर्ग एवं भोगभूमि आदि के सुख मिलते है।
आदिपुरुष The first supreme soul of this age, Lord Adinath. अवसर्पिणी काल की कर्मभूमि के आदि नेता आदिनाथ भगवान प्रथम तीर्थंकर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ईश्वर God, Lord. अनंतज्ञानादि परम ऐश्वर्य को प्राप्त करने वाले अर्हन्त और सिद्ध परमात्मा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुर :Protecting deity of the south ksheevardvip island, A deity of Kundal mountain. दक्षिण क्षीरवर द्वीप का रक्षक देव, कुण्डल पर्वत स्थित हितवतकूट का स्वामी नागेन्द्र देव।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोरम्य – Manoramya. Name of a king of Rakshas dynasty. राक्षसवंशी एक राजा , राजा महाबाहु के पश्चात लंका का स्वामित्व इसे ही प्राप्त हुआ था “
ईर्यापथकर्म Flow of non – binding Karmas. योग से जिन कर्मों का आस्रव होता है पर बंध नहीं होता अगले भव में बिना फल दिये ही झड़ जाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवविमान Space vehicles of deities. देवों के विमान, तीर्थंकर की माता के 16 स्वप्नों में 13 वां स्वप्न जिसका फल यह होता है कि उत्पन्न होने वाला ‘जीव स्वर्ग से अवतीर्ण होगा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखस्थ कमल–Mukhast Kamal. A type of meditation, to establish ‘Saa’ (a mystic word) into the mouth. पदस्थ धयन की प्रक्रिया के अंतर्गत एक क्रिया, मुख स्तिथि कमल जहा पंचाक्षरी मन्त्र (असिआउसा) के‘सा’ को स्थापित किआ जाता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर बंध – Shareera Bandha. Molecular bondage (formation) of 5 types of body. औदारिक, वैक्रियिक, आहारक तैजस और कार्माण शरीर बंध का होना शरीर बंध है “