त्रिदोष!
त्रिदोष Three thorns as obstacle in the path of salvation. तीन शल्य, मिथ्या, माया, निदान जो व्रती से नहीं होना चाहिए। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिदोष Three thorns as obstacle in the path of salvation. तीन शल्य, मिथ्या, माया, निदान जो व्रती से नहीं होना चाहिए। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दशपूर्वी Great knowledge of 10 Purvas. अभिन्नदशपूर्वी मुनियों की बुद्धि दशपूर्वी कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीरत्रिक – Sahreeratrika. A triplet related to body. औदारिक, वैक्रियिक, आहारक शरीर “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक सूत्र – Vipaka Sutra. The 11th Anga (part) of Shrutgyan- scriptural knowledge (containing description of all 8 Karmas in Jainism). द्वादशांगश्रुत का ११ वां अंग ” इनमें ज्ञानावरण आदि ८ कर्मों के विपाक का एक करोड़ ८४ लाख पदों में वर्णन किया गया है “
फलराशि Resultant quantity. त्रैराशिक विधान में जो उत्तर या फल के रूप में राशि प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्यतो द्रष्ट – Saamaanyato Drashta. General anticipation or apprehension for something. स्वार्थानुमान के तीन भेदों में एक भेद । जो सामान्य रूप से लिंग को देखकर लिंगी का अनुमान किया जाता है वह सामान्यतो दृष्ट है।
तैरश्चिक A mountain of Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक पर्वत का नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य गृह – Saamaanya Grha. Home, An aboding palace of deities. भवनवासी देवों के भवन का एक गृह (देवों के भवन सामान्यगृह, गर्भगृह, आसनगृह, लतागृह इत्यादि गृह विषेषों से सहित होते है) ।
ऋद्धीश 13th Patal (layer) of Saudharma heaven. सौधर्म स्वर्ग का 13 वाँ पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]