प्राकार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राकार – जिनगृह आदि की रक्षाके लिए पाश्र्व में बनायी गई भीतों (दीव्रालों) को प्राकार कहते है। प्राकार Prakara- Enclosing wall, Boundary
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राकार – जिनगृह आदि की रक्षाके लिए पाश्र्व में बनायी गई भीतों (दीव्रालों) को प्राकार कहते है। प्राकार Prakara- Enclosing wall, Boundary
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक समुदघात –VaikriyikaSamudghata Overflowing of soul points from the body for transforming the own shape. विक्रिया करने के लिय अथार्त शरीर को छोटा, बड़ा या अन्य शरीर रूप करने के लिय आत्मा के प्रदेश शरीर से बाहर निकलते हैं वह वैक्रियिक समुदघात हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलाकामरण- मरण का एक प्रकार; कृतिकर्म, ब्रत, धर्मध्यान, विनय आदि कार्यों से दूर भगने वाले मुनि का मरण इसे पलायमरण भी कहते है। Balakamarana- Death of a saint escaping from religious observances
आहार्य विपर्यय Assimilated molecules of Karmas. दूसरे के गलत उपदेश से विपरीत शास्त्रज्ञान का ग्रहण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारह तप व्रत- शुक्ल पक्ष में विशेष वििध के साथ किया जाने वाला उपवास। ये 144 दिन में पूर्ध किया जाता है। इसकी विशेष वििध व्रत विधान संग्रह के पृ. 115 पर एवं किशनसिंह क्रियाकोश में देखें। Baraha tapa Vrata- A particular type of vow (fasting)
आतपन Fourth layer (Patal) of the third hell. तीसरे नरक का चैथा पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार – आचर्य नेमेचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती द्वारा रचित मोहनीय कर्म के उपषम विशयक 391 गाथा प्रमाण प्राकृत गाथाबद्ध ग्रंथ। Labdhisara-Name of a great jaina scripture written by Acharya Nemichandra Siddhant Chakrvarti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघ – Sangha. The group of Jaina saints. रत्नत्रय से युक्त श्रमणों का समुदाय ” ऋषि, मुनि, यति और अनगार के समुदाय का नाम संघ है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर क्षेत्रफल- बादर परिधी X (व्यास+4) अर्थात πr2 Badara ksetrapala- Gross area
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांतव स्वर्ग – सातवा स्वर्ग। Lamtava Svarga-The 7th heaven