नागौर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागौर – Nagaura Name of a place एक स्थान जिसके नजदीक कही मण्डल गढ़ नगर में पं. आशाधर जी का जन्म लिखी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागौर – Nagaura Name of a place एक स्थान जिसके नजदीक कही मण्डल गढ़ नगर में पं. आशाधर जी का जन्म लिखी ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेशी – Pashi. Muscles. औदारिक शरीर में पाई जाने वाली माँसपेशियाँ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनप्राण – Vachanprana.: Power of speech. जीव के 10 प्राणों में से एक प्राण; जीव की वचन व्यापर में कारणभूत योग्यता या शक्ति “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वक्रता : == सो सद्दो तं धवलत्तणं च रयणायरम्मि उप्पत्ती। संखस्स हिययकुडिलत्तणेण सव्वं पि पब्भट्ठं।। —गाहारयणकोष : ११३ वही शब्द (ध्वनि), वही शुभ्र ताप और रत्नाकर में उत्पत्ति। यह सब कुछ होते हुए भी शंख अपने हृदय की वक्रता के कारण सर्वत्र भ्रष्ट होता है। व्यक्ति घर, धन,…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विश्वनंदि – Vishvnamdi. Name of a Bhattarak of Nadi group, Past-birth name of the 2nd Narayan, Triprishtha who be-came Lord Mahavira after some next births. नंदिसंघ बलात्कारगण उज्जयिनी गद्दी के एक भट्टारक ” अपरनाम विष्णुनंदि ” समय – वि.सं. – ७०४ ” नारायण त्रिपृष्ट के दूसरे पूर्व भव का नाम ” यही…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्रांत – Vakraanta: Name of a dwelling place of a hellish earth (Ratnaprabha). रत्नप्रभा पृथ्वी के 11वें प्रस्तर का इन्द्रक बिल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कुट क्षेत्र – Nishkuta Kshetra. A region which is located in the topmost corner of the universe outside of the mobile channel. लोक शिखर का कोण भाग “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौन–Maun. To keep silent or mum, externally or internally. मूकभाव अर्थात् बाहा की वचन प्रवृत्ति को भी पूर्ण रूप से छोड़ देना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिलान्यास विधि – Shilaanyaasa Vidhi. Auspicious activity of the laying down of the foundation stone. मंदिर, मकान आदि को बनाने के प्रारम्भ में नींव के अन्दर मंत्रपूर्वक की जाने वाली एक धार्मिक विधि ” इसमें भूमि शोधन, पंचकुमार पूजन आदि के साथ-साथ पंचकलश, रजत स्वस्तिक, नवरत्न, सोना-चाँदी की ईंट तथा घृत दीपक आदि स्थापित…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषेधिका – Nishedhikaa. Entering in the temple etc. places with the permission of the governing deities there. मन्दिर, वसतिका आदि स्थानों में प्रवेशके समय वहाँ से अधिष्ठाता देव से आज्ञा लेना अर्थात् ‘निःसही’ बोलते हुए प्रवेश करना “