उत्सरण!
उत्सरण Progression, Increasing. उत्कर्षण स्थिति बंध बढ़ाकर एक-एक अन्तर्मुर्हूत समान बंध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्सरण Progression, Increasing. उत्कर्षण स्थिति बंध बढ़ाकर एक-एक अन्तर्मुर्हूत समान बंध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत्सृष्टा Supreme being, the creator of the universe. जगत् को बनाने वाला अर्थात् कर्मरूपी ईश्वर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत् The same (pronoun), that thing, A stringed musical instrument. सर्वनाम पद पूर्व प्रकरण में आये हुए अर्थ का परामर्शक होता है तार से बजाये जाने वाले वीणा आदि वाद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दूर दर्शित्व ऋद्धि A supernatural power of super-distantial attainment of vision. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को चक्षु इन्द्रिय के उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन दूर स्थित वस्तु को देखने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य ज्ञान Minimum knowledge. पर्यायज्ञान ; सूक्ष्म निगोदया लब्ध्यपर्याप्तक के सबसे जघन्य ज्ञान होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार यंत्र A metallic plate engraved with some auspic-ious mystic words ¯amokåra Ma´tra or some numbers. णमोकार मंत्र या अंक लिखित धातु की प्लेट । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
दामोदर (ब्रह्म) Name of a disciple of Jinachandra Bhattarak.जिनचन्द्र भटटारक के शिष्य सिरिपाल चरिउ 1450-1514 एवं चंदप्पहचरिउ के रचयिता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
छाया-व्याख्या टीका A book written by Nagoji Bhatta. योगदर्शन साहित्य प्रवर्तक नागोजी भट्ट (ई.श. १७) कृत एक रचना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सल्लेखना काल – Sallekhanaa kaala. Time duration of Salekhana (holy death of saints). रागादि विकल्पों के कृष करने रूप भाव सल्लेखना तथा उसी के अर्थ में कायक्लेषादि के अनुष्ठान रूप् द्रव्यसल्लेखना है इन दोनों का आचरण करना सल्लेखना काल है।