निशिक्त्त!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निशिक्त्त – Nishikta. Spread, Sprinkled, Percveded. व्याप्त किया हुआ, छिड़का हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निशिक्त्त – Nishikta. Spread, Sprinkled, Percveded. व्याप्त किया हुआ, छिड़का हुआ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभाव शक्ति – Bhavabhaava Sakti. One of the powers acquired by soul. जीव की एक शक्ति; सत् देवादि पर्याय का नाश करता है, इसलिए उसे भावभाव का (सत् के विनाश का) कर्तृत्व कहा गया है ” वर्तमान में होने वाली पर्याय के व्यय होने रूप शक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखरनी – Shikharanee. A sweet dish (Shrikhand) prepared with curd and sugar etc. विशेष विधिपूर्वक दही में शक्कर, केशर, इलाइची आदि डालने से बना श्रीखंड “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चल – Nishchala. Name of the 61st planet. 88 ग्रहों में 61वें ग्रह का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव पाहुड – Bhava Pahuda. A book written by Acharya Kund- Kund. आचार्य कुन्दकुन्द (ई. १२७-१७९) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शास्त्रसार समुच्चय – Shaastrasaara Smuchchaya. Name of a book written by Maghnandi Yogindra. माघनंदि योगीन्द्र (ई. श. 12 उत्तरार्द्ध) कृत 196 संस्कृत सूत्र प्रमाण सिद्धांत ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय विनय – Nishchaya Vinaya. Reverence with supreme purity of soul. शुद्धात्मा के प्रति विनम्रता, लीनता एवं शुद्धि निश्चय विनय है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परक्रम: Observing austerity sequentially as expounded in the scriptures. आगम में प्रतिपादित क्रम से तप करना, जैसे पहले मूलगुणों का पालन कर उत्तरगुणों को पालना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथु – Prthu. The 15th son of Krishna’ brother (Baldev), Name of kings of Kura & Yadu dynasties, Broad, spa- cious. क्रष्ण के भाई बलदेव का १५ वाँ पुत्र ” कुरुवंशी एवं यदु (यादव) वंशी राजाओं का नाम, चौडा, विस्तृत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शामकुंड – Shaamakunda. Name of a commentator of first 5 parts of ‘Shatkhand’. षटखण्ड आगम के 5 खण्डों पर पद्धति नामक टीका के रचयिता ” समय ई.श. 3 का उत्तरार्ध “