चित्रवती!
चित्रवती A river of the east Arya Khand (region). पूर्व आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रवती A river of the east Arya Khand (region). पूर्व आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सराग श्रमण – Saraaga Shramana. Saints with auspicious attachments. अशुभ राग से रहित, व्रत आदि के शुभ राग से सहित मुनि सराग श्रमण कहलाते है।
तीन Three (three jewels of Jain philosophy etc.). एक संख्या , तीन लोक , तीन चैबीसी , रत्नत्रय (तीन रत्न), तीन अज्ञान इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिंतामणि यन्त्र A metallic plate engraved with some auspicious and mystic words. मंत्र लिखित एक धातु की प्लेट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यग्मिथ्यात्व प्रकृति – Samyagmithyaatva Prakriti. Right-cum-wrong Karmic nature related to faith. दर्शन मोह की दूसरी प्रकृति जिसके उदय से यथार्थ व मिथ्या दोनो प्रकार का मिश्रित श्रद्वान है।
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चातुर्मासिक प्रतिक्रमण See – Caturmåsika Pratikrama¿a. देखें-चतुर्मासिक प्रतिक्रमण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष भाव विधान – Sparssana Bhaava Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
तिर्यच जीव Animal and plants, beings other than human, celestial & infernal beings. मनुष्य, देव और नारकी जीवों को छोडकर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव तिर्यंच जीव कहलाते हैं । मन वचन काय की कुटिलता को प्रापत , निकृष्ट अज्ञानी और जिनके अत्यधिक पाप की बहुल्ता पायी जाये , उसको तिर्यंच कहते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद – Veda Gender. लिंग ” स्त्री लिंग , पुरुष लिंग, नपुंसक लिंग”