नृत्यगान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यगान – Nrityagaana. To worship Lord with singing & dancing. नाच-गान के साथ देव पूजा आदि करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृत्यगान – Nrityagaana. To worship Lord with singing & dancing. नाच-गान के साथ देव पूजा आदि करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील कूट – Neela Kuta. Name of a summit of Neel mountain. नील कुलाचल के 9 कूटों में दूसरा कूट “
देव ऋद्धि Eight types of supernatural powers (attainments) of deities. देवों की 8 प्रकार की ऋद्धियाँ-अणिमा, महिमा , लघिमा, गरिमा, आदि जिनके निमित्त से वे नाना प्रकार के रूप आदि बनाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवदत्त – Shivadatta. Name of a great Acharya. भगवान महावीर की आचार्य परम्परा में लोहाचार्य के पश्चात हुए चार आचार्यों में तीसरे आचार्य ” समय- ई. 38-58 “
दुर्गंधा A girl, having bad smelling body. दुर्गंन्धित शरीर प्राप्त एक कन्या, जिसे पूर्वभव में दिगम्बर मुनिराज को कडुवी तुमडी का आहार देने के पाप से यह दशा प्राप्त हुई थी । पुनः सुगंधदश्मी व्रत कथा में देखें। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसही – Nisahee. ‘Nisahi’, a word to be pronounced at the time of entering into the temple etc. मंदिर, चैत्यालय, मठ, वसति आदि में प्रवेश करने के लिए वहां रहने वाले भूत, यक्ष, आदिकों से ‘निसही’’ इस शब्द को बोलते हुए पूछकर प्रवेश करना “
दुराग्रही श्रोता Wrong pursuer (a type of obstinate listener). अनुचित आग्रह करने वाला हठी श्रोता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “