पणय!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पणय: Fungus, Mould. काई या कांजी आदि के ऊपर लगी हुई फफुदी पणय है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पणय: Fungus, Mould. काई या कांजी आदि के ऊपर लगी हुई फफुदी पणय है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिकी क्रिया –Vaisrasiki Kriya. Natural activities or changes i.e. cloud thundering etc. मेघ आदि की स्वाभविक क्रिया वैस्रसिकी क्रिया हैं “
तीर्थंकर- संसार से पार होने के कारण को तीर्थ कहते हैं। उसके समान होने से आगम को तीर्थ कहते है, उस आगम के कर्ता तीर्थंकर है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पकोटि : Count of a number, (10,000,000)२ एक संख्या प्रमाण (10,000,000)२
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्युभय–Mratyubhay. The fear of death. सात भयो में एक भय; मरने से डरना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादोषिक काल- जिसमें रात का भाग है वह प्रदोश काल है अर्थात् रात के पूर्वभाग के समीप दिन का पष्चिम भाग, वह सुबह-षाम दोनों कालों में प्रदोशकाल कहलाता है। Pradosikakala- The period of Dawn and dusk
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेय – Peya. Drinkable substances liquids. पीने योग्य दूध, पानी आदि पतले द्रव्य “
आराधना कथाकोष A book written by ‘Brahmachari Nemidatta’. ब्र. नेमिदत्त(ई.1518) द्वारा रचित कथाओं का एक संग्रह।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणि संयम- शट् काय के जीवों की रक्षा करना। PraniSamyama- Vitality control, Life saving of all beings
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र गुणस्थान–Mishra Gunsthan. Third model spiritual stage–a mixed stage of different contradictory virtues. तीसरा गुणस्थान; अपर नाम सम्यग्मिथ्यात्व है, इसमें जीव के परिणाम सम्यक्त्व और मिथ्यात्व से मिश्रित होते है”