देवगति नामकर्म प्रकृति!
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वानप्रस्थ आश्रम – Vanprastha Asrama. The third progressive spiritual stage of mundane life. धर्म क्रियाओं के भेद से ब्रह्मचर्य, ग्रहस्थ, वानप्रस्थ. संन्यास इन चार आश्रमों में तीसरा भेद ” देखें- वाणप्रस्थ “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्ण कमल – Svarna Kamala. Gold lotus, one of the 14 transcendental creations of Lord Arihant (natural creation of gold/golden lotuses in all directions). सोने के कमल, अर्हत भगवान के 14 देवकत अतिषयो मे एक अतिषय, तीर्थकरो के श्रीविहार मे चरणो के नीचे एवं चारो दिषाओ मे व विदिषाओ मे स्वर्ण कमल की रचना…
उपशांत Unrevealed state of attachment and malice. राग द्वेष की अप्रगट अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एवकार Exactly, Just (not liable to be changed). नियामक अध्यय- जैसे अर्जुन ही धुरंधर है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृश्यमान द्रव्य Visible objects. वर्तमान समय में दिखाई देने वाला द्रव्य किसी भी स्पर्धक या कृष्टि आदि में पर्व का द्रव्य या निषेक या वर्गणाएँ तथा नया मिलाया गया द्रव्य दोनों मिलकर दृश्यमान द्रव्य होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौलि– Mauli. Crown with great lustre possessed by celestial beings. दैदीप्यमान मुकुट,इसेस्वर्ग के देव धारण करते है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंवर – Svayammvara. An ancient tradition of choosing a bridegroom by a bride, father’s name of the 4th Jaina Lord Abhinandannath. एक प्राचीन कथा- एक राजकुमारी द्वारा अपने पति का चुनाव करना, अयोध्या नगरी के राजा, इनकी रानी सिद्वार्था थी और चैथे तीर्थकर अभिनन्दननाथ भगवान के पिता थे।
दृढ़रथ Name of a king of Yadu dynasty. यदु (यादव) वंश का एक राजा का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]