पापिष्ठ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापिष्ठ – Papistha. Most sinful. अत्यधिक पापों में लिप्त “
धर्मविलास Name of a religious book written by Pandit Dyanatrai. पं0 द्यानतराय (ई. 1733) द्वारा रचित एक पदसंग्रह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाप आस्त्रव – Papa Asrava. Influx of sinful Karmas. पाप कर्मो के आने के कारणभाव- कलुषता, विषयों के प्रति लोलुपता, पर को परिताप करना आदि”
धर्मप्रिय Zealous in religion, Name of the grandfather of Jambuswami; father’s name of Arhaddas. धर्मानुरागी , जम्बूस्वामी के पितामह ; अर्हद्दास के पिता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मकर्ता The propagators (Omniscient, Preceptors) of the religion (reg. salvation). सर्वज्ञदेव, गणधर, आचार्य धर्म के कर्ता कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदेाष :A fault to have jealousy with worthy donees.पात्र के प्रति ईष्र्या आदि का होना।
धरणानंद Name of the second Indra of Nagkumar deities. भवनवासी नागकुमार देवों का द्वितीय इन्द्र, अधोलोक में प्रथम पृथ्वी के खर भाग में इनके भवन है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाणिपात्र :Hand bowl (hallowed open hands joined together) used in food taking by Digambar Jana Saints.दोनो हाथ को मिलाकर बनी अंजुलि को पाणिपात्र कहते है। दिगम्बर जैनसाधु पाणिपात्र मे आहार ग्रहण करते है।
धनपालक The 60th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 60 वें गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवि (नरक) – Prthivi (Naraka). Earths of 7 Hells. सात नरकों की सात पृथिवियाँ “