प्रदेश निर्जरा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश निर्जरा- कर्म परमाणुओं का आत्मा से अलग होना। pradesa nirjara – seperation of karmic molecules from soul
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश निर्जरा- कर्म परमाणुओं का आत्मा से अलग होना। pradesa nirjara – seperation of karmic molecules from soul
चतुरंक Infinite increase. असंख्यातभाग वृद्धि की चतुरंक संज्ञा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदीप्त- सुलगाया हुआ, प्रज्वलित, प्रकाषमान। pradipta – shining, bright, glowing,
त्रिलोकासार टीका A commentary book written by Acharya Madhava Chandra. आचार्य माधवचन्द्र त्रैविद्य कृत त्रिलोक ग्रंथ की टीका। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमोपशम सम्यत्त्व – अनादि मिथ्यादृश्टि जीव के मिथ्यात्व से छूटकर जो सर्वप्रथम उपषम सम्यŸाव होता है वह प्रथमोपषम सम्यत्त्व है। prathamopasama samyaktva – first subsidential right beleif.
देवगत्यानुपूर्वी See – Devagati Pråyogyånupýrvî. देव- देवगति प्रायोग्यानुपूर्वी ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमिति- किसी प्रमाण से प्राप्त जानकरी या निष्चित ज्ञान। Pramiti- Authentic knowledge
चतुर्दश Fourteen-14 Gunsthan, 14 Purva etc. चौदह- चौदह पूर्व, चौदह गुणस्थान इत्यादि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाता- आलस्य, कशाय सहित अवस्था को प्रमाद कहते हैं। कशाय के तीव्र उदय से अच्छे कार्यों के करने में आदर भाव का न होना। चार विकथा, चार कशाय, पाँच इन्द्रियाँ, एक स्नेह औश्र एक निद्रा ये 15 प्रमाद हैं। Pramata- Knower or learned one in subject matters
चतुरंग Bowing down with bending both hands and knees, Four parts of an army. नमस्कार का एक प्रकार अर्थात् सोनोन हाथ व दोनों घुटने नमाना , सेना के और अंग; अश्र्व , हज , रथ और पैदल सैनिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]