त्रुअित!
त्रुअित A time unit. काल का एक प्रमाण, 64 लाख त्रुटितांग प्रमाण काल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रुअित A time unit. काल का एक प्रमाण, 64 लाख त्रुटितांग प्रमाण काल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलघन श्रोता – Shailaghana Shrotaa. A type of unwise or imprudent listener. 14 प्रकार के श्रोताओं में एक भेद; जिनके परिणाम हमेशा कठोर रहते हैं तथा जिनके ह्रदय में समझाये जाने पर भी जिनवाणी रो जल का प्रवेश नहीं होता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पंर्धक – Spardhaka. Group of aggregates of karmic molecules.वर्गणाओ के समूह को स्पंर्धक कहते है।
चतुर्दश नदी Fourteen rivers of Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप की १४ महानदियाँ ; गंगा , सिंधु , रोहित , रोहितास्या , हरित , हरिकान्ता , सीता , सीतोदा , नारी , नरकाँटा , सुवर्णकूला , रूप्यकूला , रक्ता , रक्तोदा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शेषवत अनुमान – Sheshvata Anumaan. Right anticipation of something by only partial observation of it . एक अवयव को देखने पर भी शेष अनेक अवयवों सहित सम्पूर्ण वास्तु का ज्ञान होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर हृदय – Sthira Hydaya. Stable mind, name of a deity resident of ank summit of western kundalgiri.चित्त को निश्चल रखना अर्थात् आत्मस्थिरता या समता भाव, सामायिक।
चतुरंक Infinite increase. असंख्यातभाग वृद्धि की चतुरंक संज्ञा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यम(लोकपाल)–Yam (Lokapala). Name of Vidhyadhar. कालाग्रि विधाधर का पुत्र, इंद्र द्वारा इसको किष्कुपुर का लोकपाल बनाया गया था” अन्त में यह रावण द्वारा हराया गया”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति संक्रमण – Sthiti Samkramana. Transition of karmic states.मूल व उत्तर प्रकृतियो की जो स्थिति उद्वर्तित या अपवर्तित की जाती है अथवा अन्य प्रकृति को प्राप्त कराई जाती है उसे स्थ्तिि संक्रमण कहते है।
त्रिलोकासार टीका A commentary book written by Acharya Madhava Chandra. आचार्य माधवचन्द्र त्रैविद्य कृत त्रिलोक ग्रंथ की टीका। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]