मेदार्य!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेदार्य–Medarya. Name of the 10th chief disciple of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर के 10वे गणधर का नाम”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेदार्य–Medarya. Name of the 10th chief disciple of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर के 10वे गणधर का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट् आवश्यक – Sat Aavashyaka. Six essential duties of Jaina saints. मुनियों के 6 आवश्यक कर्त्तव्य; सामायिक, वंदना, स्तुति,प्रतिक्रमण, स्वाध्याय और कार्योत्सर्ग “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिलाभ क्रिया –VrttilabhaKriya An act of consecration, to observe the vows taken before the spiritual teacher. दीक्षान्वय की ४८ क्रियाओ में एक क्रिया, गुरु के द्वारा प्रदत्त व्रता को धारण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेतपंचमी व्रत – Shvetapanchami Vrata. A particular & procedural vow (fasting). ऐसा व्रत जिसमे आषाढ, कार्तिक व फाल्गुन तीनों में से किसी भी मास में प्रारम्भ करके 65 महीनों तक प्रत्येक मास शुक्ल 5 का उपवास किया जाता है व त्रिकाल नमस्कार मंत्र का जाप किया जाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयलालस – Vinayalalasa. Name of a saint among particular group of 7 saints. सप्त ऋषियों में एक, विनयलालस “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेणीबद्ध – Shreneebaddha. Sequential; the dwelling & aboding places of hell & heaven (i.e. Bil & Viman respectively). स्वर्ग व नरक के श्रेणीबद्ध विमान व बिल, चारो दिशाओं व विदिशाओ में पंक्ति रूप जो विमान व बिल हैं उनकी श्रेणीबद्ध संज्ञा है “
गन्धर्वदेव A type of peripatetic deities. व्यन्तर देवों का एक प्रकार । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिकोण रचना To pay reverence three times a day. उदयागत कर्म निषेकों की त्रिकोण रचना, एक एक घटता हुआ निषेक उदय में आना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतभावना – Shrutabhaavanaa. A kind of auspicious reflection. 5 उत्तम भावना में एक भावना; श्रुतभावना करना अर्थात् तद्विषयक ज्ञान में बारम्बार प्रवृत्ति करना “