वृत्तिपरिसंख्यान!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिपरिसंख्यान –Vrtti. Conduct, Behaviour, Natural tendency. बाह्य तप का एक भेद – आहार को जाते समय अनेक प्रकार की प्रतिज्ञा या आकड़ी लेना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिपरिसंख्यान –Vrtti. Conduct, Behaviour, Natural tendency. बाह्य तप का एक भेद – आहार को जाते समय अनेक प्रकार की प्रतिज्ञा या आकड़ी लेना “
गृहस्थ House holders, members of mundane life. स्त्री सहित रहकर धर्मं, अर्थ , काम पुरूषार्थ का सेवन करने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पक्षपाती श्रोता: Listeners who criticizes or gives wrong favour to one. विपरीत व दृष्टबुद्वि के धारक श्रोता जो विपरीत तत्वों में दुराग्रह करते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराधना – Viradhana. Pain, Affiction, Unreverential,Dishonourable. जो परिणाम राध अर्थात् आराधना रहित, है, वह विराधना है ” एकेन्द्रिय आदि जीवों को मारना या कष्ट पहूँचना जीव विराधना या आसदना कहा जाता है “
गुरु Teacher, spiritual teacher, saints (Acharya, Muni etc.), Heavy, Name of a day (Thursday), One of the 9 planets. शिक्षक, सम्यग्दर्शन ज्ञान चारित्र इस गुणों के द्वारा जो बड़े बन चुके हैं अर्थात् आचार्य, उपाध्याय व साधु तीनों परमेष्ठी सच्चे गुरु कहलाते हैं . भारी , सप्ताह का एक दिन , नवग्रह में से एक,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिसरण- pratisarana Induction (related to right virtues). सम्यतवादि गुणों की प्रेरणा करना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलप्रभ – Vimalaprabha. Name of the 4th Jaina-Lord of the past era and name of a protecting peripatetic deity of kshirvar ocean. भूतकालीन चौथे तीर्थकर, क्षीरवरसमुद्र का एक रक्षक व्यंतर देव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोत्पन्नसुख – Manotpanna Sukha. Mental pleasure or bliss. मनकेद्वाराउत्पन्नसुख , जैसेहवाआदिकास्पर्शहोना “
गुमानी राम The son of Pandit Todarmalji, the founder of Gumani Panth. पं टोडरमलजी के पुत्र जिन्होंने गुमानी पंथ की स्थापना की थी. इस पंथ में भ.अगवान की प्रतिमा का अभिषेक नहीं करते हैं बल्कि सामने एक घड़ा या परात रखकर उसमें अभिषेक करते हैं. इस पंथ का एक मंदिर जयपुर में है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तांक – Saptaanka. Infinite multiplicative increase. असंख्यात गुणवृद्वि की सप्तांक संज्ञा है।