वचन (ॠत)!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्ठीवन – Nishtheevana. To split out, an infraction of meditative relaxation ; an obstacle related to saint food; coming out phlegm in mouth. थूकना, कायोत्सर्ग का एक अतिचार; आहार अन्तराय; आहार करते समय साधू के द्वारा कफ आदि थूक देने पर निष्ठीवन नाम का अन्तराय होता है “
धर्मकर्ता The propagators (Omniscient, Preceptors) of the religion (reg. salvation). सर्वज्ञदेव, गणधर, आचार्य धर्म के कर्ता कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्शपत्र (योनि) – Vanshapatra (Yoni).: A type of female genital organ . योनि के 3 भेदों में एक भेद;बांस के पत्ते के समान लम्बी योनि “इस योनि से साधारण मनुष्य ही उत्पन्न होते हैं “
त्रिभुवन The three worlds, the entire universe. देखें – त्रिलोक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धरणानंद Name of the second Indra of Nagkumar deities. भवनवासी नागकुमार देवों का द्वितीय इन्द्र, अधोलोक में प्रथम पृथ्वी के खर भाग में इनके भवन है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिरोनति – Shironati. A courteous posture – bowing head with folded & joined hands in reverence. कृतिकर्म का एक अंग; दोनों हाथ जोड़कर मस्तक झुकाकर उसमें जोड़े हुए हाथ लगाकर नम्रीभूत होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषधद्रह – Nishadhdraha. Name of a lake situated in the north of Nishadh mountain. निषध पर्वत से उत्तर की ओर नदी के मध्य स्थित सातवां ह्रद “
धनपालक The 60th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 60 वें गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षाकाल – Shikshaakaala. Time period of progressive or higher learning after the initiation of one. दीक्षा के अनन्तर परमात्म तत्व के परिज्ञान के लिए उसके प्रतिपादक शास्त्र की जब शिक्षा ग्रहण की जाती है, वह शिक्षाकाल कहलाता है “