प्रसुप्त दशा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसुप्त दशा- सोया हुआ, प्रगाढ़ निद्रा की अवस्था। Prasupta Dasa- Dormant state, state of sound sleep
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसुप्त दशा- सोया हुआ, प्रगाढ़ निद्रा की अवस्था। Prasupta Dasa- Dormant state, state of sound sleep
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुविध मतिज्ञानावरण- बहुविध मतिज्ञान पर आवरण करने वाला कर्म। Bahuvidha Matijnanavarana- An occurring Karma of sensory knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंका – 1 जम्बुद्वीप के लवण समुद्र के अन्दर स्थित राक्षस द्वीप की नगरी यहां का राजा रावण था। 2 वर्तमान मं लंका नगरी जो भारत के दक्षिण में स्थित है जिसे श्रीलेका के नाम से जाना जाता है। रावण की लंका यह नही है क्योकि यह लवण समुद्र में थी। Lamka-name of a…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप सम्यक्तवार्य – Sankshepa Samyaktvaarya. See – Sankshepa Darshanaarya. देखें – संक्षेप दर्शनार्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोजना सत्य – Sanyojana Satya. A type of truth misinterpretation of any similar subjects or objects. सत्य वचन के 10 भेदों में एक भेद; चेतन-अचेतन द्रव्यों का विभाजन नहीं करने वाले वचन द्वारा चेतन पदार्थों की विवक्षा न कर केवल चक्र के आकार में रची हुई सेना को चक्रव्यूह कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयत – Sanyata. One with control & restraints, Another name of Digambar Jaina saint. महाव्रती श्रमण संयत कहलाता है ” संयत जीव छठे से चौदहवें गुणस्थान तक 9 गुणस्थानों में पाये जाते हैं ” दिगम्बर मुनि का अपरनाम “
दिगवलोकन An infraction of meditative relaxation (Kayotsarga) (to watch in all directions). कायोत्सर्ग का एक अचिार, आठों दिशाओं की तरफ देखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध समुत्पत्तिक- जिन सत्कर्म स्थानों की उत्पत्ति बन्ध से होती है, उन्हें बन्ध समुत्पत्तिक कहते है। Bandha Samutpattika- meritorious places caused due to binding of karmas