गुणप्रत्यासत्ति!
गुणप्रत्यासत्ति Mutual acceptance with virtues. संयोगसम्बन्ध ; गुणों द्वारा परस्पर का एक दुसरे को ग्रहण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणप्रत्यासत्ति Mutual acceptance with virtues. संयोगसम्बन्ध ; गुणों द्वारा परस्पर का एक दुसरे को ग्रहण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदभाव:Slight consequences passions. कषायों की उदीरणा के अभाव में होने वाले मंद कषाय रूप परिणाम “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धर्मास्तिकाय : == धर्मास्तिकायोऽरतो—ऽवर्णगन्धोऽशब्दोऽस्पर्श:। लोकावगाढ: स्पृष्ट:, पृथुलोऽसंख्यातिकप्रदेश:।। —समणसुत्त : ६३१ धर्मास्तिकाय रसरहित है, रूपरहित है, गंधरहित है और शब्दरहित है। समस्त लोकाकाश में व्याप्त है, अखण्ड है और विशाल है तथा असंख्यातप्रदेशी है। उदकम् यथा मत्स्यानां, गमनानुनुग्रहकरं भवति लोके। तथा जीवपुद्गलानां, धर्मद्रव्यं विजानीहि। —समणसुत्त : ६३२ जैसे इस…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघात समास ज्ञान –Sanghaata Samaasa Gyana. The 8th division of Shrutgyan (scriptural knowledge) among all 20 divisions. श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 8 वां भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संव्यवहरण दोष – Sanvyavaharana Dosha. A fault related to saint food, careless activities in offering food to saint. श्रावक के निमित्त से होने वाला जैन साधुओं के आहार का एक दोष ” साधु को आहार देने के लिए बर्तन आदि को शीघ्रता से बिना देखे उठाना संव्यवहरण दोष है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्म दर्शन – Shuddhaatma Darshana. Right faith (in supreme being), A synonym word for Mokshmarg (path of salvation). देखें – शुद्धात्म ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सद्वर्माविसंवाद – Saddharmaavisamvaada. Not keeping harmony with fellow borthers. साधर्मी भाइयो से लड़ाई झगड़ाः ऐसा नही करना अचैर्य व्रत की 5 भावनाओं मे अंतिम भावना हेै।
उत्पत्ति Origination, Birth. जीवों की उत्पत्ति अर्थात् जन्म लेना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विघ्न- Vighna.: Obstruction,hinderance,obstacle. अन्तराय; किसी भी कार्य में बाधा आना “