स्मृतयनुपस्थान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृतयनुपस्थान – Smrtyanupasthaana. Non-concentration of mind. सामायिक व्रत का एक अतिचार है। चित्त की चंचलता से पाठ आदि को भूल जाना अर्थात् चित्त की एकाग्रता न होना व मन मे समाधिरुपता का न होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृतयनुपस्थान – Smrtyanupasthaana. Non-concentration of mind. सामायिक व्रत का एक अतिचार है। चित्त की चंचलता से पाठ आदि को भूल जाना अर्थात् चित्त की एकाग्रता न होना व मन मे समाधिरुपता का न होना।
जघन्य परीतासंख्यात A mathematical term of infinite measure. असंख्यात संख्या प्रमाण का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैभाविक भाव –VaibhavikaBhava. Passionate feelings contrary to real nature of the soul. रागादि से उत्पन्न होने वाले विकारी भाव “
जगच्चन्द्र सूरि Name of a Shvetambar Jain Acharya. तेरहवीं शताब्दी के एक श्र्चेताम्बर आचार्य ; दिलवाड़ा मंदिर के निर्माता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य पद A type of disquisition door ‘Anuyogadvar’ (reg. lowest). २४ अनुयोगद्वारों में एक ब्घेद ; जघन्य विभक्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ड The thirteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का तेरहवाँ व्यजन अक्षर, इसका उच्चारण सथान मूर्घा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोपालक Livelihood by fostering cows. गो पालन के द्वारा आजीविका चलाने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग कथा –Vitaraga Katha. Impartial wise discussion, a witty dialogue or discussion between learned persons. गुरु और शिष्य के बीच या रागद्वेष से विमुख विद्वानों के बीच तत्त्व निर्णय के लिए जो चर्चा चलती है उसे वीतराग कथा कहते हैं “