ऋतु!
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवदर्शन Paying reverence to Lord- Arihant with proper procedure. जिनेन्द्र भगवान का विधिपूर्वक दर्शन करना, जिससे करोड़ों उपवास का फल प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष दृष्टि – Saapeksha Drshti. Relativity. स्याद्धाद । जो वस्तु अनेकांत रूप है वही सापेक्ष दृष्टि से एकान्त भी है। श्रुतज्ञान की अपेक्षा अनेकांत रूप है और नय की अपेक्षा एकांत रूप है। बिना अपेक्षा के वस्तु का स्वरूप नही देखा जा सकता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधित – Saadhita. Adored, Achieved, Accomplished. स्ंसिद्धि, राध, सिद्ध, साधित और आराधित ये शब्द एकार्थक है ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसकर्म – मंत्र – तंत्र आदि के द्वारा रस आदि की सिद्धि करना। Rasakarma- Mystical activity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगवक्रता – मन वचन काय की कुटिलता। Yogavakrata-Crookedness in activities of mind, speech & body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण नामकर्म प्रकृति – Saadhaarana Namakarama Prakrti. Physique making Karmic nature causing single body Possessed by infinite beings. नामकर्म की एक प्रकृति, जिसके उदय से ऐसा शरीर प्राप्त हो जिसके अनंत जीव स्वामी हों । जो एक साथ जन्में, श्वास ले व मर जाये ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगमुद्रा – पल्संकासन, पर्यकासन और वीरासन इन तीनो मे से किसी भी आसन के साथ, बाए हाथ की हथेली पर दाए हाथ की हथेली रखकर ध्यानावस्था में बैठना। Yogamudra-A cross legged posture of meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि मिथ्यादृष्टि – Saadi Mithyaadrsti. One degraded from the right path. सम्यग्दर्शन को प्राप्त करने के उपरांत जो जीव गिरकर पुनः मिथ्यादृष्टि हो जाता है उसे सादि-मिथ्यादृष्टि कहते है।