युगादि पुरूश!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगादि पुरूश – कुलकर, युग के आदि में होने से इन्हेही युगादि पुरूश कहते है ये मुख्यत 14 होते है। Yugadi Purusa-The great personalities (Kulkars) in the beginning of the era
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगादि पुरूश – कुलकर, युग के आदि में होने से इन्हेही युगादि पुरूश कहते है ये मुख्यत 14 होते है। Yugadi Purusa-The great personalities (Kulkars) in the beginning of the era
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहु आरम्भ- नरक आयु के आस्त्रव का कारण; मर्यादा से अिधक अन्यायपूर्वक व्यापारादि करना। Bahu Arambha- Unlimited household activities
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == लोभी : == सुवर्णरूप्यस्स च पर्वता भवेयु:, स्यात् खलु कैलाससमा असंख्यका:। नरस्य लुब्धस्य न तै: किंचित्, इच्छा खलु आकाशसमा अनन्तिका।। —समणसुत्त : ९८ कदाचित् सोने और चाँदी के कैलास के समान असंख्य पर्वत हो जाएं, तो भी लोभी पुरुष को उनसे तृप्ति नहीं होती, क्योंकि इच्छा आकाश के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाल बाल मरण- मिथ्यादृष्टि अज्ञानी जीव का मरण। Bala Bala Marana- Death of a wrong believer one
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लता – 84 लाख लतांग प्रमाण काल धातिया कर्म की अनुभाग षक्ति का एक उदाहरण। Lata- A large unit of time
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बल प्राण- 10 प्राणों में 3 प्राण- मनबल, वचनबल, कायबल। Bala Prana- life vitalities
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्माद्वैत – Brahmadvaita. Name of a doctrine (related to monotheism). एक अद्वैतवाद मत ” ब्रम्ह को ही पारमार्थिक सत् मानने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारस अणुवेक्खा- आचार्य कुन्दकुन्द (ई. 127-179) कृत वैराग्य विषयक एक ग्रन्थ । Barasa Anuvekkha- A book written by Acharya Kund-Kund
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रय – सम्यग्दर्षन, सम्यग्ज्ञान, सम्यग्चरित्र इन तीनो गुणो को रत्नत्रय कहते है। इनकी एकता मोक्षमार्ग है। Ratnatraya-Three spiritual jewels Right faith right knowledge right conduct