प्रतिक्षण विनाशीभाव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पसेन – Puspasena. Name of a Digambar Acharya, the preceptor of Vadeebh Singh, Name of a poet. एक दिगम्बर आचार्य (ई. ७२०-७८०) एवं छत्रचूड़ामणि के कर्ता वादीभ सिंह के गुरु, कवि; द्विसंधान, सप्तसंधान काव्य टीका के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगंधी – Puspagamdhi. Name of the chief female divinity of peripatetic Indra Atikay. महोरग जाति के व्यंतरो के इन्द्र अतिकाय की वल्लभिका देवी “
फल्गुसेना Name of the last female Jaina follower of Dushmakal. दुषमाकाल की अंतिम श्राविका । इनका नाम पंगुश्री भी उल्लिखित है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषार्थसिध्दयुपाय – Purusarthasiddhayupaya. A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. ९०५-९५५) द्वारा रचित एक श्रावकाचार एवं अहिंसा की विशेष व्याख्या करने वाला संस्कृत ग्रंथ, यह श्रावक एवं साधुओं द्वारा अवश्य पठनीय है “
त्यक्तावास Living in deserted place. अचैर्य व्रत की एक भावना, दूसरों के छोडे हुए ऊजड़ स्थान में निवास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरालेख – Puralekha. Epigraphy; an archive, the study of inscriptions. शिलालेख विघा “
तैजस शरीर नामकर्म प्रकृति A type of Karmic nature causing lustre in body. जिसके उदय से तैजस वर्गणाओं का आकर्षण तैजस शरीर बनने के लिए हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]