द्रव्यानुयोग!
द्रव्यानुयोग See – Dravya Anuyoga. देखें – द्रव्य अनुयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्यानुयोग See – Dravya Anuyoga. देखें – द्रव्य अनुयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्यशुद्धि To make the body pure with water etc. means. जल आदि से शरीर की शुद्धि करना, ज्वरकुक्षिरोग, शिरोरोग, कुत्सित स्वप्न, रूधिर, विष्ठा, मूत्र, लेप, अतिसार आदि का शरीर में न रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बर्हिध्वज- मयूराकृतियों से चिन्हित ध्वजाएं। Barhidvaja- A kind of flags having mark of peacock
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखमाण्ड–Mukhmaand. Rein used to ontrol the horses. घोड़ो की लगाम, इसेघोड़ो के मुख में रखकर उन्हें नियंत्रण में रखा जाता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगी भाव – Sanyogi Bhaava. Passionful sentiments caused by synthetical relation with substances. रागादी भाव जो पुद्गल के संयोग से उत्पन्न होते हैं “
द्रव्य मन Objecive mind. जो हृदय स्थान में आठ पँखुडी के कमल के आकार वाला है, तथा अंगोंपांग नाम कर्म के उदय से मनोवर्गणा के स्कन्ध से जो उत्पन्न हुआ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य निर्विचिकित्सा Not to hate the dirty-bodied Jain saints. दिगम्बर जैन साधुओं के मलिन शरीर को देखकर ग्लानि न करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य कर्म Gyanavaran etc. 8 Karmas are called Dravya Karma. ज्ञानावरण आदि आठों कर्मों को द्रव्य कर्म कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघात (नामकर्म) – Sanghaata (Naamakarma). Physique making Karmic nature causing association of body molecules. जिसके उदय से औदारिक आदि 5 शरीर योग्य परमाणु परस्पर छिद्र रहित मिल जावें “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर नामकर्म प्रकृति- जिस कर्म के उदय से जीव बादर कार्य में उत्पन्न होता है। Badara Nama Karma Prakrti- A physique making Karma causing gross body