सादि बंध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि बंध – Saadi Bandha. Rebinding of karmas. जिस कर्म प्रकृति के बन्ध का अभाव होकर पुनः बन्ध होता है वह सादिबन्धी प्रकृति कहलाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि बंध – Saadi Bandha. Rebinding of karmas. जिस कर्म प्रकृति के बन्ध का अभाव होकर पुनः बन्ध होता है वह सादिबन्धी प्रकृति कहलाती है।
तीर्थ दर्शन Paying reverence (in direct or indirect way) to place of pilgrimages. संयम की विराधना न करते हुए तत्पर मन से तीर्थ वंदना करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागर – Saagara. Ocean, sea, name of the main questioner in the assembly of Lord Ajitnath. समुद्र, मध्यलोक मे द्वीपांे का वेष्टित करते हुए एक के पीछे एक असंख्यात सागर है। तीर्थकर अजितनाथ का मुख्य प्रश्नकर्ता।
उष्माहार One of the figs – a fruit, not edible according to Jain philosophy . देखें-ओजाहार।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उष्ट्रकूट श्रेणी Camel back range . ऊँट की पीठ की तरह प्रदेशों की निषेक रचना को उष्ट्रकूट श्रेणी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेमकूट – Hemakuuta. Name of the 40th city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिणी श्रेणी का 40वां नगर।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृदिनंदि – Hrdinandi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंध बलात्कारगण भट्टारक आम्नाय वारां गट्ठी के एक भट्टारक विश्वचन्द्र के षिष्य। समय वि. 1156।
उत्तर हेतु Secondary variable hypothesis. पूर्व में जो हो गया है उसकी वर्तमान से सिद्धि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिरण्यगर्भ – Hiranyagarbha. One of the 1008 names of lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 1008 नामांे मे से एक। जब भगवान गर्भ मे थे तभी सुवर्णमय हो गई थी और आकाश से देवो ने सुवर्ण की वृष्टि की थी, इसलिए भगवान का नाम हिरण्यगर्भ भी है।