आवली!
आवली An area unit, A time unit (one Avali is the blinking of an eye). क्षेत्र का एक प्रमाण काल का एक प्रमाण जघन्य युक्तासंख्यात समयों की एक आवली होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आवली An area unit, A time unit (one Avali is the blinking of an eye). क्षेत्र का एक प्रमाण काल का एक प्रमाण जघन्य युक्तासंख्यात समयों की एक आवली होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छ The seventh consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सप्तम व्यंजन , इसका उच्चारण स्थान तालु है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वधन – Sarvadhana. All wealth or property of one, Grand total of all results. किसी की संपूर्ण सम्पत्ति, गणित विषयक रूप से सम्पूर्ण समयों में पाये जाने वाले समस्त परिणामों के समूह को सर्वधन कहते है, इसी का दूसरा नाम पदधन भी है। यह ’मुहभूमीजोगदले । पदगुणिदे पदघणं होदि’ – इस करणसूत्र के अनुसार…
चैत्यचैत्यालय A Jain temple, where idols of Jaina Lord are consecrated for worshipping. जिन प्रतिमा व उसका स्थान अर्थात् मन दिर ‘चैत्य’ व ‘चैत्यालय’ कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञत्व – Sarvagyatva. State of omniscience. त्रिकालवर्ती गुण पर्यायों से संयुक्त समस्त लोक और अलोक को प्रत्यक्ष जानना।
चित्रांगदा Name of the chief disciple of Arjun. अर्जुन का प्रधान शिष्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सराग सम्यग्दृष्टि – Saraaga Samyagdrshti. One having right perception with auspicious attachments. शुद्वात्म भावना से च्युत होकर शुभराग के योग से सहित सराग सम्यग्दृष्टि होते है। इसे व्यवहार सम्यक्तव कहते है।
चारित्रसार A book written by Chamundaray. चामुण्डराय (ई.श. १०-११) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सयलविहिविहाण – Sayalavihivihaana. Name of book in Apabransh language written by Naynandi. नयनंदि द्वारा (ई. 1043) कृत अप्रभंष भाषाबद्व श्रावकाचार।
चारित्रभक्ति A composition written by Kundkund-Pujyapad Acharya. श्री कुंदकुंद एवं पूज्यादि आचार्य कृत संस्कृत -प्राकृत की १० भक्तियों में एक भक्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]