रोहितास्या नदी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाप आस्त्रव – Papa Asrava. Influx of sinful Karmas. पाप कर्मो के आने के कारणभाव- कलुषता, विषयों के प्रति लोलुपता, पर को परिताप करना आदि”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्कराभ – Bhaskarabha. Name of a king of Rakshas dynasty. राक्षस वंश का एक राजा “
द्रोणगिरि (तीर्थ) Name of a place of pilgrimage situated in Bundelkhand (M.P.), it is salvation land of many Munis (saints) including Gurudatta. बुंदेलखंड (म.प्र.) में स्थित एक रमणीय सिद्धक्षेत्र । यह गुरूदत्त आदि अनेक मुनिवरों की निर्वाणस्थली है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदेाष :A fault to have jealousy with worthy donees.पात्र के प्रति ईष्र्या आदि का होना।
द्रव्य स्वभाव Nature of matters. द्रव्य का स्वतत्व अर्थात् स्वस्वभाव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाणिपात्र :Hand bowl (hallowed open hands joined together) used in food taking by Digambar Jana Saints.दोनो हाथ को मिलाकर बनी अंजुलि को पाणिपात्र कहते है। दिगम्बर जैनसाधु पाणिपात्र मे आहार ग्रहण करते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावसूत्र – Bhavasutra. Ideal formula (of right faith,right knowledge & right conduct) for right path. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र इन तीन गुणों से निर्मित्त उपासक का वैचारिक सूत्र “
द्रव्य वेद Something related to gender formation. निर्माण व अंगोंपांग नामकर्मों के उदय से शरीर में पुरूष – स्त्री व नपुंसक के चिन्ह बनना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांड्य:A country situated in the middle aryakhand (region).मघ्य आर्यखण्ड मे स्थित एक देश।