विनयकर्म!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयकर्म – Vinayakarma. Serving activity, to attend on, to look after. एक कृतिकर्म; सूश्रूषा करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयकर्म – Vinayakarma. Serving activity, to attend on, to look after. एक कृतिकर्म; सूश्रूषा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदार्चन – Sadaarcana. Regular worshipping. पूजा के 4 भेदों में एक भेद ” अपरनाम नित्यमह है, प्रतिदिन की जाने वाली पूजन “
खंड Part, Division, fragment, chapter, Section. भाग, हिस्सा, शास्त्र आदि का भाग, मकान का हिस्सा आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Philosophical viewpoints for knowing about all beings (reg. right knowledge). सम्यग्ज्ञान को प्रमाण एवं प्रमाण के अवयव को नय कहतें हैं, इनकें द्वारा जीवादि पदर्थो का ज्ञान होता हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिभद्र–Munibhadra. Name of a Acharya. एक आचार्य (ई. सन1350–1390) जिनके शिष्य ने पर्मात्मप्रकाश ग्रंथ पर कन्नड़ टीका लिखी है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ”नंदभूपति – Namdabhupati A kind of Siddharthnagar. सिधार्तनगर का एक राजा; जिसने तीर्थंकर त्रेयांसनाथ को आहार देकर पंचाश्चर्य प्राप्त किये थे ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धैर्यवान : == विसयजलं मोहकलं, विलास बिव्वो अजलयराइन्नं। मयमयरं उत्तिन्ना, तारुण्ण महन्नवं धीरा।। —इन्द्रियपराजयशतक : ४३ जिसमें विषयरूपी जल है, मोह की गर्जना है, स्त्रियों की विलासभरी चेष्टा रूप मत्स्य आदि जलचर जीव हैं और मद रूपी जिसमें मगरमच्छ रहते हैं ऐसे तारुण्य रूपी समुद्र को धीर पुरुषों…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंद – Namda Father’s name of lord Naminath in the past birth, Name of intiation-treee of Lord Shantinath, Name of Lord Mahavira in the #rd past birth, Deity of a summit of Manushottar mountain, the foster father of krishna, delight, joy. भगवान नमिनाथ के पूर्वभव के पिता का नाम, शांतिनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोक्त्रत्व:Power of experiencing joy & sorrow. जीव की सुख-दुःख भोगने की शक्ति “
ध्रुवबन्धी प्रकृति A Karmic nature, constantly involved in binding (related to living beings). जिस कर्म प्रकृति का बंध निरंतर होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]