राश्ट्रकूटवंष!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राश्ट्रकूटवंष – जंगतंुग अमोधवर्श आदि राजाओ का वंष। इस वंष का राज्य मालवा प्रदेष में था। राजधानी मान्यखेट थी। Rastrakutavamsa-Name of a dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राश्ट्रकूटवंष – जंगतंुग अमोधवर्श आदि राजाओ का वंष। इस वंष का राज्य मालवा प्रदेष में था। राजधानी मान्यखेट थी। Rastrakutavamsa-Name of a dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण (आगम)- शास्त्र आदि में लिखे हुए जिनवचन। सर्वज्ञ-आर्श प्रणीत वचन या आचार्य परम्परा से प्राप्त उपदेष ही आगम प्रमाण है। Pramana (Agama)- Whole Jaina literature (preaching of Acharyas)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयव्रत – वर्श में 3 बार, भादो, माध चैत्र में विघिपूर्वक षु, 13 से पूर्णिमा तक किया जाने वाला व्रत। Ratnatrayavrata- A particular type of vow or fasting
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभासद्वीप- लवणेद व कालोद सागर में स्थित द्वीप। Prabhasadvipa- An island situated in LAvanod and Kalod oceans
ईश्वरसेन Name of an Acharya. नंदिषेण प्रथम के शिष्य एंव नंदिषेण द्वितीय के गुरु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यास-जां समीप में रहा जाता है वह प्रत्यास कहा जाता है। pratyasa – the nearest place
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युतसिद्ध – दण्ड और दण्डी की भाति जिसमे प्रदेष भिन्नता पायी जाती है। Yutasiddha-combined but having different entities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रामाण्य- प्रामाणिकता; प्रमाण का कर्म प्रमाण्य कहलाता है वह पदार्थ के निष्चय करने रुप लक्षण वाला होता है। Pramanya- Authenticity, authority