भोगोपभोग!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगोपभोग:Enjoyment of worldly pleasures. जो वस्तु एक बार भोगने में आये वह भोग (भोजन इत्यादि) एवं जो बार बार भोगने में आये वह उपभोग (शय्या इत्यादि) कहलाती है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगोपभोग:Enjoyment of worldly pleasures. जो वस्तु एक बार भोगने में आये वह भोग (भोजन इत्यादि) एवं जो बार बार भोगने में आये वह उपभोग (शय्या इत्यादि) कहलाती है “
गौरीविद्या A super knowledge, initiator of Gaurik Vidyadhar dynasty. एक विद्या; जिससे गौरिक विद्याधर वंश की उत्पत्ति हुई ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगंकरा:A female deity of Gajdant summit. गजदन्त कूट की एक देवी का नाम “
तत्वार्थसूत्र लघु A book written by a celibate Prabhachandra. ई. सन् 700 में प्रभाचन्द्र ब्र. द्वारा रचित तत्वार्थ संबंधी एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गद्यचिंतामणि A book written by Acharya Vadeebh singh. आचार्य वादीभसिंह ओइय देव (ई. ७७०-८६०) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वमाला A Hindi book on 7 tattvas, written by Brahamchari Seetalprasad. ब्रं. शीप्रसाद कृत सात ततवों पर हिन्दी पुस्तक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध निश्चयनय – Shuddha Nishchayanaya. A viewpoint believing the pure soul . शुद्ध आत्मा द्रव्य को ग्रहण करने वाला नय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग सम्यग्दृष्टि –VitaragaSamyagdrsti. One having right spiritual knowledge. निश्चय सम्यग्दृष्टि, जो वीतराग सम्यग्दर्शन से सहित होते है “
चमत्कार Amazement, Astonishment, Splendour, Supernatural events. विस्मय , आश्र्चय, उत्कर्ष , लोकमूढ़ता; लौकिक चमत्कारों के प्रति आकर्षित होना सम्यग्दर्शन का एक दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गरूड़व्यूह A kind of strategy (reg. army). एक विशिष्ट सैन्य-व्यूह, ऐसी रचना चक्रव्यूह को भंग करने के लिए की जाती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]