बद्ध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बद्ध- बंधा हुआ, माहनीय कर्म से आवृत जीव को बद्ध कहते है। Baddha- Embodied, Restricted, Bounded
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बद्ध- बंधा हुआ, माहनीय कर्म से आवृत जीव को बद्ध कहते है। Baddha- Embodied, Restricted, Bounded
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्तार शय्या- शयन करने के षिलापê आदि। Prastara Sayya- Stone bed
उत्कीरण काल Destructional or reducing period of Karmic powers. कुल अनुभाग के काण्डपक करके उन्हें घातार्थ जिस अन्त र्मुहूर्त काल में स्थाकपित किया जाता है, उसे उत्कीrरण काल कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रश्नभाशा- भाशा का एक भेद; प्रष्न पूछना। Prasnabhasa- language of questioning, Interrogation
उछाव Rejoicing, festivity, ceremony. उत्सव धर्मप्रभावना रूप् रथयात्रा इत्यादि को भी उछाव कहा जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बदला- उपकार या उपकार करने वाले के प्रति की जाने वाली प्रतिक्रिया। Badala- revenge of returning of a favour
उच्चगोत्र कर्मप्रकृति A type of karmic nature (reg. higher status). वह कर्म जिसके उदय से लोक पूजित या लोक मान्य कुल में जन्म हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आर्य कूष्मांड देवी A supernatural power. एक विद्याधर विद्या का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चेर A country in middle Arya Khand (region), Past name of Kerala state. मध्य आर्यखण्ड का एक देश , केरल का प्राचीन नाम [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधावली- कर्म बंध होने के बाद आवली मात्र का-उदय, उदीरणादि रुप न होना, यही आवलीकाल बंधावली हैं इसे आवाधावली- अचलावली भी कहते है। Bandhavali- non fruitional period of karmas after their binding