एंवभूत!
एंवभूत Specific, Such as intrinsically genuine, A stand-point of exact understanding or perception. एक नय, जिस शब्द का जिस क्रियारूप अर्थ हो उसी क्रियारूप परिणमित पदार्थ को ग्रहण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एंवभूत Specific, Such as intrinsically genuine, A stand-point of exact understanding or perception. एक नय, जिस शब्द का जिस क्रियारूप अर्थ हो उसी क्रियारूप परिणमित पदार्थ को ग्रहण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य – अंतर Dissimilarity in form of matters. अंतर का एक भेद किसी समर्थ द्रव्य की किसी निमित्त से अमुक पर्याय का अभाव होने पर निमित्तान्तर से जब तक वह पर्याय पुनः प्रकट नहीं होती।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == समर्थ : == महिऊण महाजलिंह महुमहणो तत्थ सुयइ वीसत्थो। एयं नीइविरुद्धं छज्जइ सव्वं समत्थाणं।। —गाहारयणकोष : १८२ महासमुद्र का मंथन करके विष्णु वहीं सुखपूर्वक सोते हैं। ऐसे नीतिविरुद्ध कार्य (किसी का घर उजाड़कर वहीं शरण लेना) तो समर्थ को ही शोभा देते हैं।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजना – Bijana. Hand – fan, one of the 8 auspicious symbols, which is always kept near the idol of LordJinendra. हाथ का पंखा, जिन – प्रतिमाओं के पास विधमान रहने वाले अष्ठ मंगल द्रव्य में एक द्रव्य “
दुःश्रुति Listening false scriptures (related to misguiding or instigating). अनर्थदण्ड का एक भेद। चित को मलिन करने वाले शाखों का सुनना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपर विवेक – Svapara Viveka. Right & real knowledge (discriminating self & others).सम्यग्दर्शन, जीव-अजीव की पहचान अर्थात् वस्तु स्वरुप का ज्ञान।
जयकीर्ति Name of the 10th predestined Teerthankar (Jaina Lord), An Acharya of Kashthasangh (a group of Jaina saints). भावीकालीन १०वें तीर्थंकर , काष्ठासंघ के आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्तिक पदार्थ–Muurtik Padarth. Tangible matters, which can be touched, tested & felt etc. रूपी पदार्थ जिसमे स्पर्श, रस, गंध, वर्ण गुण पाए जाते है”
जयकुमार The son of king Somprabh, who was the army-chief of Bharat Chakravarti, Name of a chief disciple of Lord Adinath. कुरुवंशी राजा सोमप्रभ का पुत्र , भरत चक्रवर्ती का सेनापति , आदिनाथ भगवान का ७१वाँ गणधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]