पांशुमूलिक विद्या!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांशुमूलिक विद्या:A type of knowledge of vidyadhara.विद्याधर वंश की एक विद्या का नाम।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांशुमूलिक विद्या:A type of knowledge of vidyadhara.विद्याधर वंश की एक विद्या का नाम।
दुष्ट प्रमृष्ट निक्षेप Placing something carelessly (a type of Ajivadhikaran). अजीवाधिकरण का एक भेद दुष्टता पूर्वक असावधानी से वस्तु को रखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुग्धवारिधि Name of the ocean of milk, another name of Ksheer ocean. मध्यलोक के पांचवे समुद्र क्षीरसागर का अपरनाम, इसी समुद्र से तीर्थंकरों के जन्माभिषेक का जल इन्द्रों द्वारा लाया जाता है तथा इसी में तीर्थंकरों द्वारा लुंचित केशराशि का क्षेपण किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
दुःख Sorrow, Grief, Trouble, Pain. असातावेदनीय के उदय से होने वाला खेद व आकुलतारूप परिणाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिक्वास A mountain situated in Lavan ocean. लवण समुद्र में स्थित एक पर्वत ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान संक्रमण:Particular transition to other place (reg. other sangrah Krishti).संक्रमण का एक भेद । दूसरी अन्य संग्रह कृष्टियों में या पर रूप परिणमन करना ।
दश धर्म Ten right virtues of Jain religion (forgiveness etc.). उत्तम क्षमा आदि दश लक्षण धर्म ।
दश करण Ten operational Karmic activities. कर्म की 10 अवस्थाएं, बन्ध , उत्कर्षण , संक्रमण, अपकर्षण, उदीरणा, सत्व, उदय, उपशम, निधत्ति और निःकाचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]