उपचय!
उपचय Addition. जोड़ अभिवृद्धि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यंत्र– Yantra. Auspicious mystical diagrams or verses, Machine. कुछविशिष्ट प्रकार के अक्षर, शब्द या मन्त्र जो विभिन्न रेखाक्रतियां बनाकर उसमे चित्रित किये जाते है” पूजा, प्रतिष्ठा, विधान आदि में इनका प्रयोग किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाहिनी – Vaahinii.: A part of an army containing 81 chariots, 81 elephants 405 horses, 405 Pyade(foot – soldier). सेना का एक अंग,तीन गुल्म सेना का एक दल “इसमें 81 रथ ,81हाथी ,405 प्यादे तथा 405 घोड़े रहते है “
एकरात्रिप्रतिमा (योग) One night representation (an austerity in cremation ground). तीन उपवास करने के बाद चैथी रात्रि में शमशान में विधिवत् कायोत्सर्ग करते हुए सूर्योदय होने तक वहीं पर स्थित रहना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपचारछल Formal deceitful behaviour, Metaphoric presen-tation. उपचार अर्थ में मुख्य अर्थ का निषेध करके वक्ता के वचनों का निषेध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र योग–Mishra Yoga. Vibration caused by the aggregates of Karmic molecules. मिश्र वर्गणाओ के द्वारा होने वाला परिस्पंदन”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवाह पटल – Vivaha Patala. Name of a treatise written by Acharya Brahmadev. आचार्य ब्रह्मदेव (ई. १२९२-१३२३) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गल विभाव – Pudgala Vibhava. Impure (aggregate) form of a matter. पुद्गल द्रव्य का अशुध्द (स्कंध) रूप होना “