प्रतराकाश!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतराकाश – Prataraakaasha. Extensive area of space (Akash). सर्व आकाश के लम्बे चौड़े प्रदेशों के माप मात्र आकाश, जो 7×7=49 राजू है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतराकाश – Prataraakaasha. Extensive area of space (Akash). सर्व आकाश के लम्बे चौड़े प्रदेशों के माप मात्र आकाश, जो 7×7=49 राजू है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदत्त – Puspadatta. Name of the 7th Narayan. ७वें नारायण का नाम “
ण The fifteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का पन्द्रहवाँ व्यंजन अक्ष्सार, इसका उच्चारण स्थान मूर्धा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करवर सागर – Puskaravara Sagara. An ocean surrounding Pushkarvardvip (island). पुष्करवरद्वीप की घेरे हुए एक समुद्र “
देवयश Name of the 19th Teerhankar (Jaina Lord) of Videh kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित 19 वें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषत्त्व – Purusattva. Man hood, Manliness, Virility. पुरुषता- पुरुषपने के समस्त गुणों से युक्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराणसंग्रह – Puranasamgraha. Name of books pertaining to the life history of Jaina-Lords. आचार्य दामनन्दि, श्रीचन्द्र आदि आचार्यों द्वारा २४ तीर्थंकरों के जीवन चरित्र के आधार पर रचित इस नाम के कई ग्रंथ हैं “
थावर Stable object, One sensed immobile beings like inanimate objects. यहि एक प्राकृतिक शब्द है-इसका सामान्य अर्थ है स्थिर अथवा स्थावर वस्तु एंव स्थावर एकेन्द्रिय जीव (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, वनस्पति कायिक जीव) को भी थावर कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाभाव छेदना – Pragyaabhaava Chhedanaa. Sagacious knowledge related to 6 entries (dravyas). मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मनःपर्ययज्ञान और केवलज्ञान के द्वारा छह द्रव्यों का ज्ञान होना “