घृणा!
घृणा Hate, Aversion, Disgust. जुगुप्सा, ग्लानि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समन्वय – Samanvaya. Mutual relations. पारस्परिक सम्बन्ध। भिन्न-भिन्न विषयों के अनेको विकल्पों का परस्पर समन्वयं।
चमरेन्द्र Name of an Indra. भवनवासी के असुरकुमार जाति के देवों का प्रथम इंद्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्य – Madhya. Name of a protecting deity of south & north Varunivar ocean, A country of Bharat Kshetra Aryakhand (region). दक्षिण व उत्तर वारूणीवर समुद्र का रक्षक देव , भरत क्षेत्र आर्यखंड का एक देश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गंरथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
गौड़पाद Spiritual teacher of ‘Shankaracharya’ (a celebrated Hindu ascetic). शंकराचार्य के दादा गुरु . समय -ई. ७८० ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मद्यमयी- Madyamayi. A part of circumference of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत की परिधि के सात भागों में एक भाग “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथकत्व वितर्क – Prthaktva Vitarka. First Shukla Dhyan (Absolute Meditation). पहला शुक्ल्ध्यान – यह आठवें से बारहवें गुणस्थान के कुछ भाग तक होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतिज्ञान- Matigyana. Sensory knowledge, perceptual cognition. 5 ज्ञानों में एक ज्ञान ;मन और इन्द्रिय की सहायता से उत्पन्न होने वाला ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमती विप्रलंभ – पं आषाधर द्वारा रचित एक संस्कृत गं्रथ।विशय – नेमिराजुल संवाद। Rajamati vipralambha-A book written by pandit Ashadharji