पाघस्थितिकल्प!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाघस्थितिकल्प – Padyasthitikalpa. To stay at one place only for 4 months in rainy season (reg. saint). वर्षा काल में चार मास तक एक ही स्थान पर रहना अर्थात् भ्रमण का त्याग करना, यह ‘पाघ’ नाम का १०वां स्थितिकल्प है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाघस्थितिकल्प – Padyasthitikalpa. To stay at one place only for 4 months in rainy season (reg. saint). वर्षा काल में चार मास तक एक ही स्थान पर रहना अर्थात् भ्रमण का त्याग करना, यह ‘पाघ’ नाम का १०वां स्थितिकल्प है “
फाहियान Name of a Chinese tourist who came to India and reside for the period of 402-405 AD. एक चीनी यात्री जो ई. 402 में भारत आया एंव 405 तक भारत में रहा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिमूढता Three faults in right faith. सम्यग्दर्शन के 25 दोषों में 3 दोष । लोक मूढता, देवमूढता, गुरूमूढता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पातक :Sin, offence, impurity caused due to the death of someone having blood relation.पाप, संबंधी के मरण के समय का अशैच या अपवित्रता। यह वंश परम्परा की पीढि़या के अनुसार 6 माह, 12 दिन, 10 दिन इत्यादि का माना जाता है। पातक के समय भगवान का अभिषेक-पूजन, शास्त्र स्वाध्याय, गुरुओ को आहारदान इत्यादि धार्मिक…
तत्वसमीक्षा Name of a commentary book written by Vachaspati Mishra. वेदांत साहित्य प्रवर्तक वाचस्पति मिश्र (ई. 840) की व्रह्मसिद्धि पर लिखी समीक्षा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटला:Name of the initiation tree of Lord vasupujyanath.पद्यपुराण के अनुसार वासुपूज्यनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम (इसका नाम महापुराण के अनुसार कदम्ब है)।
तेज Lustre, Glitter, fire. गर्मी, चमक, दीप्ति, प्रभा , प्रकाश, अग्नि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकंबला शिला:Name of a shila (very auspicious large stone at sameru mountain) pertaining to the lustral bath of Jaina Lord of weatern videk kshetra (region).सुमेरु पर्वत पर एक शिला, जिस पर पश्चिम विदेह के तीर्थकरो का जन्म कल्याणक संबंधी अभिषेक किया जाता हैं।
तिरोधान To create restriction, Concealment. बाधा डालना, रोकना, छिपाना, कर्म मोक्ष के हेतु को तिरोधान करने वाला है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]