प्रभाचंद्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभाचंद्र- इस नाम के अनेकों आचार्य हुए है। Prabhacandra- Name of many acharyas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभाचंद्र- इस नाम के अनेकों आचार्य हुए है। Prabhacandra- Name of many acharyas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिकर्म – मन वचन काय द्वारा आत्म प्रदेषो की चंचलता। Yoga parikarma-Vibration in soul points
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रकीर्ति – Sahasarakeerti. Name of the preceptor of Nemichandra Bhattarak of Nandi group and a saint of Kashtha group. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टारक नेमिचन्द्र के गुरू, काष्ठासंघ पट्टावली के एक आचार्य त्रिभुवनकीर्ति के शिष्य ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोपगमन मरण- समाधिमरण का उत्कृश्ट रुप; ऐसा समाधिकरण करना जिसमें न तो आप अपना इलाज करें न दूसरे से करवें प्रत्युत् ध्यान में लीन रहें। Prayapagamana Marana- Faultless voluntary great and holy death
जिनसेन- आप आ0 भीमसेन के शिष्य तथा शांति सेन के गुरु थे समय ई.श. 7 अन्न । पुन्नाह संघ की मुर्वावली के अनुसार आप श्री कीर्तिषेण के शिष्य थे। कृति- हरिवंश पुराण वीरसेन स्वामी के शिष्य बागर्भ दिगम्बर। कृतिये-अपने गुरु की 20000 श्लोक प्रमाण अधुरी जयधवला टीका को 40000 श्लोक प्रमाण अपनी टीका द्वारा पूरा…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नोच्चय – सुमेरू पर्वत का अप रनाम Ratnoccaya-The other name of Sumeru Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रात्ययिकी क्रिया- आस्त्रव की 25 क्रियाओं में एक क्रिया; इंद्रिय योग्य नई-नई सामग्री जुटाना। PratyayikiKriya- Collection of household article
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिग्रह – मन वचन काय की स्वछन्द प्रवृत्ति को सम्यक् प्रकार से रोकना। Yoganigraha-Controlling the activities related to mind speech & body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणपीड़न- हिंसा, प्रमाद योग से किसी जीव के प्राणों को पीड़ा देना। Pranapirana- Violenceful activities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथपूर – विजयार्घ की दक्षिण श्रेणी के नगरों के नाम। Rathapura-Name of cities situated in southern Vijayvardha Mountain