त्रिपातिनी!
त्रिपातिनी See – Triparvå. देखें – त्रिपर्वा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्ताचारी हिंसा – रागादि कशायभावरूप हिेंसा। Yuktacari Himsa-Violenceful thoughts (a fault)
दर्शन विनय Reverence to right faith. सम्यग्दर्शन के अंगों का पालन , भक्ति पूजा आदि गुणों को धारण तथा शंका आदि दोषों के त्याग को सम्यक्त्व विनय या दर्शन विनय कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकवन:The fourth forest of sumeru mountain.सुमेरु पर्वत का चतुर्थ वन। इसमे 4 चैत्यालय है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोष – क्रोधी पुरूश का तीव्र परिणाम, कोप। Rosa-Anger, rage, Indignation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राग परिहार – परद्रव्यों के प्रति मोहभाव को छाडना, उदानसीता। Raga parihara- Avoidance of attachment, Non-attachment
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति सत्त्व – Prakrti Sattva. Attachment of karmas with soul. अपनी स्थिति के अनुसार कर्म प्रक्रति के कर्म प्रदेशों का आत्मा प्रदेशों के साथ संलग्न रहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्परोपग्रह:Mutual help, rendering help to one another.जीव द्रव्य का उपकार, आपस में एक दूसरे की सहायता करना । जैसे-गुरू ज्ञान आदि देकर शिष्य का उपकार करते है। तथा शिष्य गुरू की सेवा, आज्ञापालन आदि करके गुरू का उपकार करता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथपुर – विजयार्घ की दक्षिण श्रेणी के नगरों के नाम। Rathapura-Name of cities situated in southern Vijayvardha Mountain