प्रमाण योजन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण योजन- क्षेत्र का प्रमाण विषेश। PramanaYojana- An area unit
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[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिंब – Bimba. Image or idol (of Lord etc.). प्रतिमा , मूर्ती “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रार – Sahasraara. Name of the 12th heaven. 12वां स्वर्ग, यहां का इन्द्र शतार है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभास (स्वर्ग)- अनुदिस स्वर्ग के श्रेणीबद्ध 4 विमानों में उŸार दिष का विमान। Prabhasa (svarga)- Name of a heavenly abode
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यावर्तित- प्रतिवर्तित, लौटा हुआ। pratyavartita – reverted, returned
चतुर्दश पूर्व Fourteen Purvas – early canons (texts). उत्पाद पूर्व, अग्रायणीय , वीर्यप्रवाद , ज्ञानप्रवाद , सत्यप्रवाद ,आत्मप्रवाद ,कर्मप्रवाद ,प्रत्याख्यान , वीर्यानुवाद , कल्याणवाद ,प्राणावाद , क्रियाविशाल , लोकबिंदुसार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्भेदिम A type of five – sensed – beings. पंचन्द्रिय जीवों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
थ The seventeenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सत्रहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राप्य कर्म- कर्ता के द्वारा बिना किसी विकार आदि के पदार्थ की प्राप्ति करना। Prapya Karma- Easily attainment of object