शैलभद्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलभद्र – Shailabhadra. A kind of peripatetic deity. यक्ष जाति के व्यंतर देवों का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैलभद्र – Shailabhadra. A kind of peripatetic deity. यक्ष जाति के व्यंतर देवों का एक भेद “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वरुपाभाव – Svaruupabhaava. Absence of similarity in nature between the two of lack of the characteristic nature of a matter in the other. जो द्रव्य है वह गुण नही है वह द्रव्य नही है अर्थात् एक दूसरे मे जो उसका अभाव अर्थात् तदूप होने का अभाव है वह तद्भाव लक्षण अतद्वाव है।
द्रव्य योग Vibration in soul-points owing to physical activities (related to mind, speech & body). मन वचन काय की क्रिया से जीव के प्रदेशों का चंचल या सकम्प होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संदृष्टि – Sandrshti. Symbol, A chart related to any subjective description. प्रतीक चिन्ह, किसी विषय वस्तु से सम्बंधित सारिणी “
एलाचार्य A secondary rank (title) of Jaina saints (Acharyas), The other name of Acharya Kundkund. आचार्य के चतुर्विध संघ में आचार्य की आज्ञा से जो श्रेष्ठ साधु संघस्थ अन्य साधुओं को मार्गदर्शन देता है उसे एलाचार्य कहते हैं, कुन्दकुन्द आचार्य का अपरनाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य पल्य A time unit related to Jaina philosophy. एक योजन लम्बें, चैड़े तथा गहरे गर्त को तत्काल उत्पन्न भेड़ के बालों (जिनका दूसरा खण्ड न हो सके) से भर कर 100 वर्ष में एक-एक बाल निकाला जाये और जब यह गर्त खाली हो जाये इसमें जितना समय लगता है वह समय ‘पल्य’ कहलाता है।…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावेंद्रिय – Bhavendriya. See – Bhava Imdriya. देखें – भाव इंद्रिय “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंबुद्व – Svayammbuddha. ैमस िमदसपहीजमदमक वदम ;वद जीम चंजी व िेंसअंजपवदद्धए वदम व िजीम 1008 दंउमे व िसवतक त्पेींइीकमअए छंउम व िं उंदजतं व िापदह उंींइंस ;जीम 10जी चंेज इपतजीष्े ेजंजम व िसवतक त्पेींइीकमअद्ध ॅीव ेजतमदहजीमदमक जीम उंींइंस ंइवनज श्रंपद तमसपहपवदण् जो जीव परोपदेष के बिना स्वंय ही मोक्षमार्ग को प्राप्त कर लेते है…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या मत–Mithya Mata. Wrong persuasions or doctrines. एकांत पक्ष रूप अभिप्राय, मिथ्यामत363 है, क्रियावादीयो के 180, अक्रियावादियो के 84, अग्यांवादियो के 67 और वैनयिक वादियों के 32 भेद”