संगीत समयसार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संगीत समयसार – Sangeeta Samayasaara. Name of a book written by Parshvadev on music. पार्श्वदेव द्वारा (ई.श. 12 अंतपाद) संगीत शास्त्र विषयक संस्कृत भाषाबद्ध रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संगीत समयसार – Sangeeta Samayasaara. Name of a book written by Parshvadev on music. पार्श्वदेव द्वारा (ई.श. 12 अंतपाद) संगीत शास्त्र विषयक संस्कृत भाषाबद्ध रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्ताव- अभिमत, प्रमाण के फलरुप से जिसका ग्रहण किया जाता है ऐसा हेयोपादेय तŸव का निर्णय प्रस्ताव है। Prastava- proposal, suggestion
दारिका Prostitute. वेश्या – जो धन के लिए पुरूष का सेवन करती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रश्नव्याकरण- द्वादषांग श्रुतज्ञान का दसवां अंग; जिसमें युä अिैर नयों के द्वारा अनेक प्रष्नों का उत्तर दिया गया है। Prasnavyakarana- A type of scriptural knowledge pertaining to answering the question
दश स्थान Ten specific places in body to concentrate the mind. शरीर में नेत्र युगल, दोनो कान, नासिका का अग्रभाग, ललाट, मुख, नाभि, मसतक, हृदय, तालु, भौहों का मध्य भाग ये दस स्थान हैं। इन स्थानों में से किसी एक पर चित्त एकाग्र करने से ध्यान की अवस्था प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुफणा- बहुत सारे फण सहित। जैसे-शत या सहस्त्रफण वाले पाश्र्र्नाथ भगवान की प्रतिमाए। Bahuphani – Multi-headed
दर्शनशुद्धि (शास्त्र) A book written by Acharya ‘Chandraprabh Suri’. आचार्य चन्दप्रभ सूरि (ई.1102) द्वारा रचित एक न्याय ग्रन्थ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्लक्ष – पद्पुरण के अनुसारसिताल्नाथ भगवन के दीक्षा वृक्ष का नाम ” महापुराण के अनुसार ये वृक्ष बेल का है ” Plaksa- Name of the initiation tree of lord Sheetalnath
तेजोजराशि A mathematical quantity, A chief disciple of Lord Rishabhdev. जिस राशि को चार से अवहृत (भाग) करने पर शेष तीन अंक रहते हैं, भगवान ऋषभदेव का 62 वां गणधर (तेजोराशि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “