तन्मनोहरांगनिरीक्षण त्याग!
तन्मनोहरांगनिरीक्षण त्याग Renunciation of watching the beauty of women. ब्रहाचर्य व्रत की दूसरी भावना स्त्रियों के मनोहर अंगों को देखने का त्याग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तन्मनोहरांगनिरीक्षण त्याग Renunciation of watching the beauty of women. ब्रहाचर्य व्रत की दूसरी भावना स्त्रियों के मनोहर अंगों को देखने का त्याग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म बादर स्कन्ध – Sukshma Baadar Skandha. Invisible existing matters like air, words etc स्कन्धों के 6 भेदों में से एक भेद । जो स्कन्द दिखाई न दे परन्तु उनका कार्य प्रगट हो जेसे हवा, शब्द आदि ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मित्र : == सोसउ मा सोसउ च्चिय सलिलं रयणायरस्स बडवऽग्गी। जं लहइ जले जलणो तेण च्चिय किं न पज्जत्तं।। —गाहारयण कोष : ४० हे बडवाग्नि ! तू समुद्र के जल को सोख या न सोख, पानी में तुझे जो आग मिलती है अर्थात् दुश्मन के घर में अपना…
तदुभय प्रत्ययिक जीव बंध Sentiments devolped through the fruition & prematured fruition of karmas. जीव भाव बंध का एक भेद कर्मां के उदय और उदीरणा से तथा उनके उपशम से जो भाव उत्पन्न होते हैं (अर्थात् जीव के क्षयोपशमिक भाव)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुस्वरा – Susvaraa. Name of a female deity of a peripatetic Indra Gitaras. गीतरस व्यंतर इन्द्र की देवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाहुडदोहा – Pahudadoha. A book written by Mahanandi. ई. श. १५ के अंतिम पाद में मह्नन्दि द्वारा रचित एक कृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायभागमतसमुच्चय – Nyaayabhaagamatasamuchchaya. Name of a book written written by Pandit Jaichand Chhabra. पं. जयचन्द छाबरा (ई.1763-1829) कृत एक न्याय ग्रंथ”
तत्वार्थ श्रद्धान Faith on all real matters. तत्व रूप पदार्थ की प्रतीति या श्रद्धा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरुणकायिक – Varunakaayika.: A type of deities. आकाशोपपन्न देवों के 12 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ पुराण – Parsvanatha Purana. Name of book written by Kannad poet ‘Parshva Pandit’. कन्नड़ कवि पार्श्व पंडित (१२०५ ई. सन्) कृत ग्रंथ “