संयम रक्षा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम रक्षा – Sanyama Rakshaa. Strictly observing of restraints by Jaina saints. जैन साधु-संत द्वारा अपने संयम की रक्षा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम रक्षा – Sanyama Rakshaa. Strictly observing of restraints by Jaina saints. जैन साधु-संत द्वारा अपने संयम की रक्षा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक बोधित- देखें- प्रत्येक बुद्ध। pratyeka bodhita – see (pratyeka buddha)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रष्मिकलाप – एक हार, यह 54 लडियों का होता है। Rasmikalpa- A kind of wreath with 54 strings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणनिर्माण- नामकर्म की प्रकृति; जिसके उदय से शरीर के अंगों की रचना यथास्थान तथा यथाप्रमाण हो। PramanaNirmana- A type of physique making Karma causing properly proportionate body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रायुध – Sahasraayudha. The son of Chakravarti (emperor) Vajrayudh. चक्रवर्ती वज्रायुध का पुत्र । मुनि पिहितास्रव से दीक्षा लेकर सन्यासमरण कर अधोग्रैवेयक में अहमिन्द्र हुआ ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदर्षन – एक दर्षन जो ध्यान धारणा समाधि आदि के द्वारा तत्वों का साक्षात् करने ंका उपाय सुझाता है। Yogadarsana-name of a philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभाचंद्र- इस नाम के अनेकों आचार्य हुए है। Prabhacandra- Name of many acharyas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रकीर्ति – Sahasarakeerti. Name of the preceptor of Nemichandra Bhattarak of Nandi group and a saint of Kashtha group. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टारक नेमिचन्द्र के गुरू, काष्ठासंघ पट्टावली के एक आचार्य त्रिभुवनकीर्ति के शिष्य ।