तोरणद्वार!
तोरणद्वार Doors of Samavasharan (an assembly of Lord Arihant). समवशरण की आठ भूमियों के मूल में स्थित द्वार । जैसे – प्रथम धूलिशाल कोट की चारों दिशाओं में चार तोरणद्वार है इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तोरणद्वार Doors of Samavasharan (an assembly of Lord Arihant). समवशरण की आठ भूमियों के मूल में स्थित द्वार । जैसे – प्रथम धूलिशाल कोट की चारों दिशाओं में चार तोरणद्वार है इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दीक्षा गुरू Preceptor (a spiritual teacher) granting initiation. दीक्षा देने वाले गुरू । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपर भेद विज्ञान – Svapara Bheda Vijnaaana. Pertaining to great spiritual knowledge (discriminating self & others).भेद ज्ञान। आत्मतत्त्व का ज्ञान तथा आत्मद्रव्य से विपरीत तत्वो का ज्ञान।
त्रयोदश द्वीप 13 islands of middle universe. मध्यलोक के 13 द्वीप (प्रारंभिक) जम्बूद्धीप से लगाकर रूचकवर द्धीप, यहीं तक अकृतिम 458 जिनमंदिर है। तेरहद्वीप की रचना पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से जम्बूद्वीप हस्तिनापुर में निर्मित हो रही है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयराशि A great person, the writer of ‘Tatvopaplava Simgh’. ई. ७२५-८२५ ‘ तत्वोपत्लव सिंह’ के कर्ता एक नैयायिक विद्वान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == गणवासी : == पथ्यं हृदयानिष्टमपि, भणमानस्य स्वगणवासिन:। कटुकमिवौषधं तत् , मघुरविपावंâ भवति तस्य।। —समणसुत्त : ९४ अपने गणवासी (साथी) द्वारा कही हुई हितकर बात, भले ही मन को प्रिय न लगे, कटुक औषध की भाँति परिणाम में मधुर ही होती है।
तेजांग A type of wish fulfilling tree (Kalpavriksha) pertaining to light. एक प्रकार का कल्पवृक्ष , जो प्रकाश देते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयंतिकी Name of a female divinity resident of Ruchak mountain. रूचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी महत्तरिका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]