राहू!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतपंचमी क्रिया – Shrutapanchmee Kriyaa. A religious devotional procedure of eulogy. ज्येष्ठ शु. 5 को श्रुतपंचमी कहते हैं ” इस दिन सभी साधु बृहत् सिद्ध भक्ति और बृहत् श्रुत भक्ति पढ़कर श्रुतस्कंध की स्थापना करके श्री इंद्रनंदि आचार्य विरचित श्रुतावतार का उपदेश देने के अनन्तर बृहत् श्रुत भक्ति व बृहत् आचार्य भक्ति पढ़कर स्वाध्याय…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल्क्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body
आनंदबोध Name of a writer of ‘Nyay Makarand’ & ‘Nyay Deepavali’ treatises. ई.श. 11-12 के एक साहित्य प्रवर्तक जिन्होंने न्याय मकरन्द और न्याय दीपावली की रचना की।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीराधावल्लभ – Shree Raadhaavallabha. Name of a sect of Vaishnav phillosophy. वैष्णव दर्शन के शक्तिसंग तंत्र के अनुसार 10 भेदों में दूसरा भेद ” इस संप्रदाय के आदिप्रवर्तक 1503 ई. में हरिवंश गोस्वामी हुए ” ये लोग जप, तप आदि में संलग्न रहते है “
आत्मसंबोधन A book written by ‘Gyanbhooshanaji’. ज्ञानभूषण जी (ई. सन् 1443-1505) द्वारा रचित अध्यात्म विषयक एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संसार : == धिक् संसारं यत्र, युवा परमरूपर्गिवतक:। मृत्वा जायते, कृमिस्तत्रैव कलेवरे निजके।। —समणसुत्त : ५११ इस संसार को धिक्कार है, जहाँ परम रूप-र्गिवत युवक मृत्यु के बाद अपने उसी त्यक्त मृत शरीर में कृमि के रूप में उत्पन्न हो जाता है। न नास्तीहावकाशो, लोके बालाग्रकोटिमात्रोऽपि। जन्ममरणबाधा, अनेकशो…
इंद्रिय प्रमाण Knowledge to be proved by senses. परोक्ष प्रमाण-मतिश्रुत ज्ञान अथवा प्रत्यक्ष अनुमान उपमान, शब्द ऐतिह्य, अर्थापत्ति, संभव, अभाव ये 8 प्रमाण हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योशिता – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti