वेदक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदक –Vedaka. Sufferer of Karmic results or one who experiences results of Karmas कर्मफल का भोक्ता या अनुभव करने वाला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदक –Vedaka. Sufferer of Karmic results or one who experiences results of Karmas कर्मफल का भोक्ता या अनुभव करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तुग्राही नय – Vastugraahii Naya. A standpoint-accepting of partial knowledge of something. नय ;अनेकांतात्मक वस्तु के अंश को ग्रहण करना “
उरग A type of five sensed animal, Snake. पंचेन्द्रिय तिर्यंच का एक प्रकार सर्प।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि लिंग–Muni Ling. A nude saint (having abandonded all worldly attachements). शास्त्र कथित जिनेन्द्र भगवान् जैसा मुनि रूप”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसतिका – Vasatika.: Hermitage, staying place of saints. साधुओं के ठहरने का स्थान ” ध्यान – अध्ययन के योग्य निर्दोष शून्य स्थान ही उसके लिये उपयुक्त है “
त्रिकृति A mountain situated in Bharat kshetra (region), name of a city of Vidyadhars. कृतिकर्म प्रदक्षिणा, नमसकारादि क्रियाओं को तीन बार करना अथवा एक दिन में जिन देव , गुरू और ऋषियों की तीन बार वंदना करना। (त्रिः कृत्वा)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव क्रिया – Vibhava Kriya . Contrary activity. जीव – पुद्ग्ल द्रव्य की स्वभाव से विपरीत क्रिया “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्षायोग – Varshaayoga.: Four months rainy seasonal staying of Jain saints at some particular place with particular restrictions. चातुर्मास; जैन साधु – साध्वियों का वर्षाकाल (आषाढ़ शुक्ला चतुर्दशी से कार्तिक कृष्णा अमावस तक ) में मुख्यतः जीव विराधना से बचने हेतु एक स्थान पर रहना ” वर्षायोग सम्बन्धी प्रतिष्ठापना व निष्ठापना की विशेष विधि…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाना-जीव एक-अजीव – Nana-Jiva Eka-Ajiva Pertaining to different types of living beings and one non-living beings अनेक जीव और एक अजीव ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सत्यवादी : == विश्वसनीयो मातेव, भवति पूज्यो गुरुरिव लोकस्य। स्वजन इव सत्यवादी, पुरुष: सर्वस्य भवति प्रिय:।। —समणसुत्त : ९५ सत्यवादी पुरुष माता की तरह विश्वसनीय, जनता के लिए गुरु की तरह पूज्य और स्वजन की भाँति सबको प्रिय होता है।