मूकसंज्ञा!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूक संज्ञा–Muuk Sangya. An infraction of meditative relaxation or posture of meditation. कायोत्सर्ग का एक अतिचार” गूंगे की भाति हुनकर कटे हुए खड़े होना, अंगुली से किसी वस्तु की ओर संकेत करते हए खड़े होना”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूक संज्ञा–Muuk Sangya. An infraction of meditative relaxation or posture of meditation. कायोत्सर्ग का एक अतिचार” गूंगे की भाति हुनकर कटे हुए खड़े होना, अंगुली से किसी वस्तु की ओर संकेत करते हए खड़े होना”
एकांत स्थान Absolute place, Secluded place. जहाँ किसी का आना जाना न हो ऐसा शून्य स्थान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपपत्तिसमा Parity per logical ground. पक्ष व विपक्ष दोनों ही कारणों की वादी और प्रतिवादियों के यहाँ सिद्धि हो जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एक हजार आठ A number – 1008 (characteristics of Tirthankar – Jaina Lord. तीर्थंकर भगवान के 1008 लक्षण होते हैं। सहस्रनाम स्तोत्र में भवान के 1008 नाम हैं। सहस्रनाम विधान में 1008 अध्य्र हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपकरणार्जन Acquisition of means (articles). उपकरण को प्रापत करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रशरीर काल–Mishra Shareer Kaal. Duration of growth time period of complete body formation. आहार ग्रहण से शरीर पर्याप्ति तक का काल”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगारिदमन–Mragaridaman. A king of Rakshas dynasty. रक्षास्वंश का एक विघाधर राजा”
उपचार नय See – Upacarita Asadbhýta Vyavahåra Naya. देखें-उपचरित असद्भूत व्यवहार नय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वाणी : == पुव्विं बुद्धीए पासेत्ता, तत्तो वक्कमुदाहरे। अचक्खुओ व नेयारं, बुद्धिमन्नेसाए गिरा।। —व्यवहारभाष्य पीठिका : ७६ पहले बुद्धि से परखकर फिर बोलना चाहिए। अंधा व्यक्ति जिस प्रकार पथ—प्रदर्शक की अपेक्षा रखता है, उसी प्रकार वाणी बुद्धि की अपेक्षा रखती है।