भूतपूर्व प्रज्ञापन नय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतपूर्व प्रज्ञापन नय – Bhutapurva Pragyanapana Naya. See- Bhutapurva Naya. देंखें – भूतपूर्व नय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतपूर्व प्रज्ञापन नय – Bhutapurva Pragyanapana Naya. See- Bhutapurva Naya. देंखें – भूतपूर्व नय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरोधी हिंसा – Virodhi Himsa. Violence for self defence. हिंसा के ४ भेदों में एक भेद; शत्रु से अपना बचाव करने के लिए जो हिंसा होती है, वह विरोधी हिंसा हैं “जैसे-राम ने रावण से युध्द करने में विरोधी हिंसा की “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरीत श्रध्दानी – Viparita Sraddhani. One who believes in wrong theory or wrong or wrong re-ligious conceptions. विपरीत मिथ्याद्रष्ट “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यजुर्वेद–Yajurved. One of the four great and sacred vedic scriptures. वैदिक परम्परा के4 वेदों में एक वेद का नाम”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलगुण निर्वर्तना–Mulguna Nirvatana. Formation of complete body. अधिकरण का एक भेद; शरीर, वचन, मन, श्वासोछ्वास बनाना”
एकार्थ समवाय One inherence in the same substratum. समान पदार्थों का समुदाय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दानवीर Extremely charitable, A title, Philanthrophist. महान दानी व्यक्तियों की एक उपाधि, भामाशाह को यह उपाधि प्राप्त थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुपुत्र : == सयलजणनयणकडुयं नित्यामं तह पयायपरब्भट्ठं। नियतणयं धूमं पेच्छिऊण छारं गओ अग्गी।। —गाहारयणकोष : ८१० समस्त लोगों की आँखों को कडुवा लगने वाला, पुरुषार्थ रहित, प्रताप से भ्रष्ट अपने पुत्र धुएं को देखकर आग (लज्जा से) स्वयं जलकर राख बन गई है। (बड़े व्यक्ति भी अपने कुपुत्रों से…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलस्थान–Mulasthan. A fault of a saint (using article without purifying it), Past name of present city Multan in Punjab. दोष; आहार, पिच्छी, कमंडलु और वसतिका आदि को शोधन किये बिना ही साधु द्वारा इनका प्रयोग करना, पंजाब का वर्तमान मुलतान नगर”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेण – Namdisena Name of the Acharya, 6th Balbhadra, Past-birth name of Lord Chandraprabhu & Lord Suparshvanath, the 3rd predestined Narayan. पुत्राट संघी एक आचार्य जितदण्ड के शिष्य और दीपसेन के गुरु, छठें बलभद्र का नाम, चंद्रप्रभु एवं सुपार्शव भगवान के पूर्व भव का नाम, भारतक्षेत्र के आगामी तीसरे नारायण ”