देवायु कर्म!
देवायु कर्म Celestial life-span Karma, Celestial Longevity determining Karma. आयु कर्म का एक भेद जिसके उदय से जीव निश्चित समय तक देव शरीर में रूका रहे।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवायु कर्म Celestial life-span Karma, Celestial Longevity determining Karma. आयु कर्म का एक भेद जिसके उदय से जीव निश्चित समय तक देव शरीर में रूका रहे।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मलोक – Brahmaloka. An upper world (the 5th heaven). ५ वां स्वर्ग, लौकांतिक देवों की निवास भूमि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावतीर्थ – Bhavatirtha. The soul with right perception, knowledge & conduct. तीर्थ का एक भेद; सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र युक्त आत्मा भाव तीर्थ है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्तिका नयन यंत्र–Mrattika Nayan Yantr. A type of metallic plate engraved with some auspicious mystic words. 48 यंत्रों में एक; जिसमे मृत्तिका नयन मन्त्र के अक्षर, शब्द मंत्रो की रचना कोष्ठक आदि बनाकर चित्रित की जाती है”
उपशमावली Subsidential time (the smallest). जिस आवली में कर्म का उपशम हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दंड Punishment . सजा । मन, वचन, कायरूप तीन प्रकार का दंड होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विंध्या – Nirvindhyaa. A river of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी “
आयोपाय A virtue of Acharya to get disclosed the faults of a Kshapak. क्षपक के दोषों को निकलवाने का एक गुण आचार्यों का एक गण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]